राज्य सभा की 06 सीटों के लिए 5 जुलाई को होगा चुनाव

नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने राज्य सभा की रिक्त हुई 06 सीटों के लिए चुनाव की तारीख़ का एलान कर दिया है। ओडिशा, बिहार और गुजरात में रिक्त हुई राज्य सभा की 06 सीटों 05 जुलाई को मतदान होगा।

जिन राज्यों में राज्य सभा की सीटों के लिए चुनाव होना है उनमे ओडिशा की तीन, गुजरात की दो और बिहार की एक सीट शामिल हैं। गौरतलब है कि खाली हुई 06 सीटों में से तीन सीटें बीजेपी और तीन सीटों पर बीजू जनता दल के सदस्य निर्वाचित हुए थे।

गुजरात में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, बिहार में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, ओडिशा से बीजू जनता दल के अच्युतानंद सामांत के लोकसभा चुनाव जीतने के कारण उनकी राज्य सभा की सीट खाली हुई है। वहीँ ओडिशा के प्रताप केशरी देब के विधानसभा चुनाव जीतने और सौम्य रंजन पटनायक के इस्तीफे की वजह से राज्य सभा की सीटें खाली हुई हैं।

इन सीटों पर उपचुनाव के लिए 18 जून को अधिसूचना जारी किए जाने के साथ ही निर्वाचन प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत होगी। उम्मीदवारी के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 25 जून होगी और 26 जून को नामांकन पत्रों की जांच की जाएगी। नाम वापसी की अंतिम तिथि 28 जून तय की गइ है और पांच जुलाई को सुबह नौ बजे से शाम चार बजे तक मतदान होगा। मतदान के बाद शाम पांच बजे मतगणना होगी।

कांग्रेस की आपत्तियों पर चुनाव आयोग की मुहर:

गुजरात में खाली हुई राज्य सभा की दो सीटों के लिए होने वाले चुनाव की तारीख के एलान से पहले गुरूवार को कांग्रेस ने संदेह ज़ाहिर किया था कि दोनों सीटों के लिए एक ही दिन चुनाव नहीं कराये जाने से बीजेपी को लाभ मिलेगा। हालाँकि अब चुनाव आयोग ने सभी 06 राज्य सभा सीटों के लिए एक ही दिन चुनाव कराने का एलान किया है।

कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि हम चुनाव आयोग से अमित शाह और स्मृति ईरानी द्वारा खाली की गई राज्यसभा सीट पर एक साथ चुनाव कराने का अनुरोध करना चाहते हैं। उन्होने कहा कि यदि एक चुनाव आज है और एक दो सप्ताह,चार सप्ताह या फिर 6 सप्ताह बाद है तो ऐसे में सत्ताराधारी पार्टी के विधायक आसानी से गुजरात विधानसभा में 51 फीसदी का आंकड़ा पार कर लेंगे।

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि एक साथ चुनाव होने पर एक सीट बीजेपी और एक सीट कांग्रेस जीत सकती है। उन्होंने अलग-अलग चुनाव कानून के खिलाफ होगा।

सिंघवी ने कहा कि गुजरात विधानसभा में भाजपा के 99 विधायक हैं और कांग्रेस के पास 77 हैं। यदि प्रत्येक सीट पर चुनाव अलग-अलग दिनों में होता है, तो बीजपी जीत हासिल करेगी। उन्होंने चुनाव आयोग के फैसले पर चिंता जताते हुए कहा कि आम चुनाव में कई फैसलों की वजह से उनकी निष्पक्षता संदेह के घेरे में है।

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