राजस्थान के बाद छत्तीसगढ़ से भी हटाया गया दीन दयाल उपाध्याय का नाम

रायपुर। राजस्थान के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की पांच योजनाओं से पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाकर उनमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और डॉक्टर भीमराव आंबेडकर का नाम जोड़ दिया गया है।

राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ नगरीय अधोसंरचना विकास निधि से संचालित राज्य प्रवर्तित योजनाओं के नाम बदल दिए हैं। इस आशय का आदेश सोमवार को जारी किया गया। 11 फरवरी को पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथी थी और इससे अगले दिन यह आदेश जारी किया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन ने दीनदयाल उपाध्याय स्वावलंबन योजना का नाम बदलकर राजीव गांधी स्वावलंबन योजना कर दिया है। वहीं, पंडित दीनदयाल उपाध्याय सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना का नाम अब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन योजना होगा।

उन्होंने बताया कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय एलईडी पथ प्रकाश योजना का नया नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी एलईडी पथ प्रकाश योजना, पंडित दीनदयाल उपाध्याय आजीविका केंद्र योजना का नाम राजीव गांधी आजीविका केंद्र योजना और पंडित दीनदयाल उपाध्याय शुद्ध पेयजल योजना का नाम इंदिरा प्रियदर्शिनी शुद्ध पेयजल योजना कर दिया है।

राज्य में पंडित दीनदयाल उपध्याय के नाम से शुरू की गई योजनाओं का नाम बदलने को लेकर विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि पार्टी योजनाओं से पंडित दीनदयाल उपाध्याय का नाम हटाने को लेकर विधानसभा में अपना विरोध दर्ज़ कराएगी।

उन्होंने सवाल किया कि सरकार ने इन योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या किया? यदि बिना प्रावधानों के सिर्फ नाम बदला गया है तो यह ‘‘बदलापुर की नई कड़ी है।’’ सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने जानबूझ कर सभी योजनाओं के नाम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर बदले हैं। यह उनकी मानसिकता को दिखाता है।

गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान की नवर्निवाचित गहलोत सरकार ने सभी सरकारी दस्तावेजों से पंडित दीनदायल उपाध्याय की तस्वीर हटाने का आदेश जारी किया था। आदेश के अनुसार सभी सरकारी लेटर पैड पर दीनदयाल अपाध्याय की तस्वीर की जगह अब राष्ट्रीय चिन्ह अशोक चक्र होगा।

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