राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटें जीतने के लिए कांग्रेस बना रही ‘ख़ास रणनीति’

जयपुर ब्यूरो। लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस इस बार बेहद सधी हुई रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक एक ख़ास रणनीति के तहत सभी राज्य इकाइयों से 20 फरवरी तक प्रत्याशियों के नाम के पैनल जमा कराने को कहा गया है।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि सर्वाधिक लोकसभा सीट वाले उत्तर प्रदेश में सपा बसपा गठबंधन में जगह न मिलने के बाद पार्टी आलाकमान की तरफ से निर्देश दिए गए हैं कि अन्य राज्यों में अधिक से अधिक जीतने के प्रयास किये जाएँ । जिससे उत्तर प्रदेश में कम सीटें मिलने की दशा में सीटों के कुल योग पर बड़ा फर्क न पड़े।

सूत्रों के मुताबिक मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जहाँ कांग्रेस ने हाल ही में सत्ता संभाली हैं वहां की इकाइयों को साफ़ तौर पर कहा गया है कि राज्य में लोकसभा की अधिक से अधिक सीटें जीतने के प्रयास किये जाएँ।

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने खासतौर पर इस बात के निर्देश दिए हैं कि प्रत्याशियों के चयन का काम अंतिम समय तक न लटका कर रखा जाए और प्रत्याशियों को इतना समय मिलना चाहिए कि वे अपने लोकसभा क्षेत्र में पूरा परिश्रम कर सकें।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस बार कांग्रेस राजस्थान में सभी 25 सीटों जीतने के लिए खास रणनीति बना रही है। हाल ही में विधानसभा चुनावो में बीजेपी पर जीत के बाद बने दबाव को बरकरार रखना कांग्रेस की अहम रणनीति होगी।

वहीँ पार्टी सूत्रों के मुताबिक राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटों पर तीन तीन उम्मीदवारों के नाम की पैनल का काम पूरा होने के बाद अब प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में दो दो के नाम की पैनल बनाये जाने का काम जारी है।

पार्टी सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस के पास केंद्र की मोदी सरकार और राजस्थान में पूर्व की वसुंधरा सरकार के खिलाफ बड़े मुद्दे हैं और इन मुद्दों को जनता के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा। इतना ही नहीं सभी 25 सीटों पर कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रत्याशियों के चयन में खास प्रक्रिया अपनाई गयी है जो पिछले लोकसभा चुनाव में नहीं हुआ।

सूत्रों के मुताबिक राज्य में सांकेतिक रूप से प्रचार प्रसार का काम 20 फरवरी के बाद शुरू हो जायेगा और प्रत्याशियों के नाम के एलान के साथ ही हर लोकसभा की टीम एक्टिव हो जाएगी।

सूत्रों ने कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में राजस्थान में बीजेपी ने सभी 25 सीटें जीती थीं लेकिन इस बार स्थति बहुत बदली हुई है। इस बार न तो राज्य में बीजेपी की सरकार है और न ही इस बार मोदी लहर है। ऐसे हालातो में बीजेपी को उसी की रणनीति से परास्त करने के लिए कांग्रेस पूरे दमखम के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

सूत्रों ने कहा कि राज्य में जातिगत समीकरणों की अहम भूमिका को ध्यान में रखकर ही उम्मीदवारों के चयन किये जा रहे हैं। हालाँकि प्रत्याशियों के चयन पर अंतिम मुहर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी स्वयं लगाएंगे लेकिन चूँकि राज्य के सीएम अशोक गहलोत संगठन के महासचिव भी हैं इसलिए प्रत्याशियों के चयन में उनकी भूमिका अहम रहेगी।

हालाँकि अभी तक लोकसभा चुनावो का एलान नहीं हुआ है लेकिन माना जा रहा है कि संसद के बजट सत्र के बाद देश में आम चुनावो की तारीखों का एलान किया जा सकता है।

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