मुस्लिमो पर राजनीति करने के उद्देश्य से ओवैसी ने जल्दबाज़ी में उठाया मुद्दा: जुनेद क़ाज़ी

न्यूयॉर्क। मुसलमानो को पाकिस्तानी कहे जाने के खिलाफ देश में एससी/एसटी एक्ट की तर्ज पर कानून बनाये जाने की मांग उठाने वाले आईएनओसी, यूएसए के पूर्व अध्यक्ष जुनेद क़ाज़ी ने आल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी द्वारा इस मुद्दे को संसद में उठाये जाने को जल्दबाज़ी करार दिया है।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि देश में कोई कानून बनता है तो उसका एक प्रोसेस होता है। ऐसा नहीं हो सकता कि असदुद्दीन ओवैसी संसद में तीन लाइने बोलें और कानून बन जाए। उन्होंने कहा कि मैंने जब यह मुद्दा उठाया तो शायद ओवैसी साहब को लगा होगा कि इस मुद्दे का वे बड़ा राजनैतिक फायदा ले सकते हैं, इसलिए कानून के जानकार होने के बावजूद उन्होंने इसे जल्दबाज़ी में संसद में उठा दिया।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि मुसलमानो को पाकिस्तानी कहे जाने का जो नया ट्रेंड शुरू हुआ है उससे सिर्फ मुस्लिम ही नहीं बल्कि हिन्दू समुदाय से आने वाले बुद्धजीवी भी खफा हैं। उन्होंने कहा कि इस ट्रेंड को रोकने के लिए यदि कानून बनाना पड़े तो सरकार को बनाना चाहिए।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी मुसलमानो को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तीन तलाक के मुद्दे पर भी ओवैसी ने मुसलमानो को गुमराह किया था। जब तीन तलाक इस्लाम में मान्य ही नहीं तो उसका इस्तेमाल करने वालो को सजा देने के लिए यदि सरकार कानून बनाती है तो इसमें गलत क्या है।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि ओवैसी विनय कटियार ने बयान पर आपत्ति जताते हैं जबकि वे स्वयं और उनके विधायक भाई कई बार इस तरह के बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि भड़काऊ बयानों की राजनीति से आज हर कोई आहत है। देश के नेताओं को कोई भी बयान देने से पहले ये ज़रूर सोचना चाहिए कि इससे किसी समुदाय विशेष को चोट तो नहीं पहुंचेगी।

मुसलमानो को पाकिस्तान का नाम लेकर प्रताड़ित किये जाने के मुद्दे पर जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि इस पर सभी राजनैतिक दलों की सहमति बननी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल संसद में बयान देना काफी नहीं है बल्कि इस पर गंभीरता से काम करना होगा।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि कानून बनाये जाने के लिए सबसे पहले सरकार को अपने भरोसे में लेना होगा और प्रस्तावित कानून कोई आवश्यकता और उसकी व्याख्या को सरकार के समक्ष रखना होगा। उन्होंने कहा कि इसके बाद इस पर सभी दलों की सहमति बनना भी आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि मैं ओवैसी साहब सहित सभी नेताओं से अपील करता हूँ कि इस मामले को राजनीति की दृष्टि न देखें और न ही इसका राजनीति के लिए उपयोग करें। उन्होंने कहा कि यदि देश के मुसलमानो कोई पाकिस्तानी कहे तो सामाजिक और राजनैतिक स्तर पर इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि पिछले 60 वर्षो में कांग्रेस के शासनकाल में मुसलमानो की दुर्दशा हुई है। उनकी शिक्षा और रोज़गार के लिए पिछली सरकारों ने गंभीरता से काम नहीं किया। उन्होंने कहा कि सच्चर कमेंटी ने मुसलमानो के कल्याण के लिए जो सिफारिशें की थीं कांग्रेस शासनकाल में उन सभी मुख्य विन्दुओं पर काम नहीं हुआ।

जुनेद क़ाज़ी ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि जब मुसलमानो को पाकिस्तान का नाम लेकर प्रताड़ित किये जाने के विरुद्ध कानून बनाये जाने का मसौदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष जाएगा तो वे इस पर तीन तलाक की तरह मुस्लिम समुदाय के मान और प्रतिष्ठा को बरकरार रखने के लिए गंभीरता पूर्वक ठोस कदम उठायेंगे।

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