यशवंत सिन्हा ने कहा ‘अब मैं नहीं मिलुंगा पीएम से, मोदी सरकार के बारे में खुलकर बोलुंगा’

नई दिल्ली। पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता यशवंत सिन्हा ने कहा है कि उन्होंने पीएम से मिलने का समय माँगा था लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि अब वे पीएम से मिलेंगे भी नहीं और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलेंगे।

उन्होंने कहा, ”चूंकि समय नहीं मिला, तो मैंने तय किया है कि अब मैं सरकार में बैठे किसी भी व्यक्ति से बात नहीं करूंगा। बात होगी तो सार्वजनिक तौर पर होगी। बंद कमरे में नहीं होगी।”

यशवंत सिन्हा ने संवाददाताओं से कहा, ”आज जो भाजपा है वह अटल जी एवं आडवाणी जी की भाजपा नहीं है।” उन्होंने कहा, ”अटल जी एवं आडवाणी जी के काम करने का जो तरीका था, जो शैली थी, वह बिलकुल भिन्न थी।”

सिन्हा ने कहा कि एक साधारण कार्यकर्ता जबलपुर से जाकर भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष आडवाणी से पहले से समय लिए बिना मिल सकता था। लेकिन आज वह व्यवस्था बदल गई है।

यशवंत सिन्हा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने विपक्ष में रहते हुए जिन मुद्दों पर यूपीए सरकार का विरोध किया था, सरकार में आने के बाद उन मुद्दों को स्वीकार कर रही है।

सिन्हा ने बताया कि देश में किसानों की कोई पूछ नहीं हो रही है। मध्य प्रदेश में भी किसानों के हालात ठीक नहीं हैं। किसानों को उनकी उपज के वाजिब दाम दिलाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में शुरू भावांतर योजना एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की फसल बीमा योजना को सिन्हा ने झुनझुना करार दिया।

वहीँ यशवंत सिन्हा ने सिंगल ब्रांड रिटेल में सौ फीसदी एफडीआई लागू करने के मोदी सरकार के फैसले पर भी सवाल उठाये हैं। किसान संघर्ष समिति नरसिंहपुर द्वारा आयोजित एक संवाददता सम्मेलन में सिन्हा ने कहा, ‘‘भाजपा ने विपक्ष में रहते हुए खुदरा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई का घोर विरोध किया। लेकिन केन्द्र में सत्ता में आने के बाद (नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली) भाजपा सरकार ने अब इसे लागू कर दिया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह एफडीआई देश के लिए घातक है।’’ सिन्हा ने बताया, ‘‘एकल ब्रांड खुदरा कारोबार में 100 प्रतिशत एफडीआई से छोटे दुकानदारों को नुकसान होगा।’’

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