म0प्र में चुनाव से पहले बीजेपी को झटका: विधायक ने थामा कांग्रेस का हाथ 

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी को चुनावी वर्ष में उस समय बड़ा झटका लगा जब पार्टी के विधायक पारस सकलेचा ने बीजेपी छोड़ने का एलान करते हुए कांग्रेस का हाथ थाम लिया।

पारस सकलेचा व्यापम मामले में व्हिसिल ब्लोअर माने जाते हैं। मध्य प्रदेश के रतलाम में उन्हें पारस दादा नाम से पहचाना जाता हैं। वे रतलाम से महापौर रहने  के अलावा एक बार बीजेपी से और एक बार निर्दलीय विधायक रह चुके हैं।

दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पारस सकलेचा ने मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया, अरुण यादव, सांसद कांतिलाल भूरिया, राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा की मौजूदगी में कांग्रेस का दामन थामा। पार्टी नेता दीपक अरुण और राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया।

इस मौके पर प्रभारी दीपक बाबरिया ने कहा कि पारस सकलेचा भाजपा की नीतियों के खिलाफ होकर कांग्रेस में शामिल हो रहे हैं। वहीं पारस सकलेचा ने कहा कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार व्याप्त है। इस अवसर पर कांग्रेस सांसद कांतिलाल भूरिया ने पारस सकलेचा को बधाई दी।

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