मोदी सरकार के खिलाफ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारियां

नई दिल्ली। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने की तैयारियां शुरू हो गयी हैं।

पीएनबी घोटाले में विपक्ष के हमले झेल रही मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कोई और नहीं बल्कि उसके कभी सहयोगी रहे टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस पहल कर रहे हैं।

आंध्रप्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने के मुद्दे पर शुक्रवार को मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जा सकता है। पार्टी के छह सांसदों ने लोकसभा महासचिव को प्रस्ताव का नोटिस भी दिया है।

अगले साल होने वाले लोकसभा चुनावों के चलते मोदी सरकार को घेरने की तैयारी शुरू हो गई है। जगन मोहन रेड्डी की पार्टी अविश्वास प्रस्ताव के लिए अन्य विपक्षी दलों से समर्थन भी जुटा रही है। सदन में प्रस्ताव लाने के लिए 50 सांसद चाहिए, तो विपक्षी दलों के सांसदों से अपील की जा रही है।

इतना ही नहीं समर्थन हासिल करने के लिए लिखे गए जगन मोहन के पत्र में कहा गया है कि इस प्रस्ताव के बाद भी केंद्र सरकार आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने को तैयार नहीं होती है तो पार्टी के सभी सांसद छह अप्रैल को अपना इस्तीफा दे देंगे। वाईएसआर कांग्रेस के लोकसभा में 9 और राज्यसभा में एक सांसद है।

वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों ने कांग्रेस पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, टीएमसी नेता सौगत राय, बीजेडी भृतहरी महताब, टीडीपी नेता तोटा नरसिम्हा, सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, एनसीपी नेता तारिक अनवर, आप नेता भगवंत मान समेत कई नेताओं से अविश्वास प्रस्ताव को समर्थन देने की अपील की है।

उधर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा, ‘यदि जरूरत पड़ी तो हम केंद्र सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंगे, चाहे कोई भी पार्टी इसे लाए।‘

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