मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव, लोकसभा-राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित

नई दिल्ली। केंद्र में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में चल रही एनडीए सरकार के खिलाफ पहली बार अविश्वास प्रस्ताव लाया जा रहा है। यह प्रस्ताव भी भी कोई और दल नहीं बल्कि एनडीए के सहयोगी रही तेलुगु देशम पार्टी की ओर से लाया जा रहा है।

आज वाईएसआर कांग्रेस और तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) की संसद में अविश्वास प्रस्ताव पेश करने की योजना एक बार फिर नाकाम हो गई। लोकसभा और राज्यसभा में जोरदार हंगामे के बाद दोनों ही सदनों की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई।

हालांकि लोकसभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार इस मसले पर बहस के लिए तैयार है लेकिन हंगामे की वजह से वह अपनी बात नहीं रख पाये। जिसके बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने लोकसभा की कार्यवाही को कल तक के लिए स्थगित कर दिया।

दरअसल, आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य के दर्जे पर तेदेपा और केन्द्र के बीच तकरार लंबे समय से देखी जा रही है। हाल ही में विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिए जाने की वजह से तेदेपा ने एनडीए से रिश्ता तोड़ लिया। और ये गुस्सा अब सदन में अविश्वास प्रस्ताव के रूप में भी फूट रहा है।

अविश्वास प्रस्ताव को लेकर आज दोनों पार्टियों की ओर से लोकसभा में एक बार फिर से नोटिस पेश किया जाएगा। लेकिन यह लोकसभा स्पीकर तय करेंगी कि उसको स्वीकार करना है या नहीं क्योंकि जब शुक्रवार को नोटिस पेश किया गया था तो लोकसभा अध्यक्ष ने कहा था कि सदन में इस समय ‘अव्यवस्था’ (कार्यवाही में गतिरोध) है इसलिए इसको स्वीकार नहीं किया जा रहा है।

इस समय लोकसभा में कुल 539 सदस्य हैं। यानी बहुमत का आंकड़ा 270 होता है। भाजपा के अपने सदस्य 274 हैं। भाजपा अपने दम पर बहुमत पाने का माद्दा रखती है।

इधर जब टीडीपी ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी की तो उसे विरोधी वाईएसआर कांग्रेस समेत कांग्रेस, आरजेडी और लेफ्ट का भी समर्थन मिल गया। अब देखना होगा यह अविश्वास प्रस्ताव कहां तक सफल हो पाता है।

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