मोदी-शाह को हराने के लिए कुछ भी करेंगे केजरीवाल, गठबंधन में नहीं रखेंगे शर्त !

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव के लिए दिल्ली में कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर भले ही बातचीत बंद हो गयी हो लेकिन दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के ताजा बयान ने एक बार फिर गठबंधन की उम्मीदों को ज़िंदा कर दिया है।

रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली में कांग्रेस से गठबंधन के सवाल पर कहा कि वे नरेंद्र मोदी और अमित शाह को हराने के लिए कुछ भी करेंगे।

गौरतलब है कि दिल्ली के लिए 16 तारीख से नामांकन शुरू हो जाएंगे और नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 23 अप्रैल होगी।ऐसे में आज आये केजरीवाल के बयान को गठबंधन की दिशा में सकारत्मक बयान बताया जा रहा है।

इससे पहले दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कांग्रेस से गठबंधन की उम्मीदों को ख़ारिज करते हुए कहा था कि कांग्रेस को आम आदमी पार्टी के साथ दिल्ली के अलावा पंजाब और हरियाणा में भी गठबंधन करना होगा।

सिसोदिया ने कहा था कि “मोदी और शाह की जोड़ी देश के लिए खतरनाक है. इसे रोकने के लिए आप सभी बीजेपी विरोधी संगठनों के साथ हाथ मिलाने के लिए तैयार है। अभी भी वक्त है अगर कांग्रेस चाहे तो मोदी और शाह की जोड़ी को 18 सीटों पर हराया जा सकता है।”

इससे पहले कांग्रेस के प्रभारी पीसी चाको साफ़ तौर पर कह चुके हैं कि आम आदमी पार्टी ने गठबंधन को लेकर नई शर्तें रखी हैं। वह दिल्ली के अलावा पंजाब और हरियाणा में भी गठबंधन करने की शर्त रख रही है। जो स्वीकार करना मुमकिन नहीं है।

फिलहाल देखना है कि अरविन्द केजरीवाल का आज का बयान गठबंधन के लिए कितना सार्थक साबित होता है। दिल्ली में लोकसभा की 07 सीटें हैं और 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने सभी 07 सीटें जीती थीं।

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