मॉब लीचिंग को पीएम मोदी की लोकप्रियता से जोड़ने वाले मंत्री जी को नहीं मिला बोलने का मौका

बीकानेर। बीकानेर से सांसद और केंद्रीय जल संसाधन राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल को उस समय विपरीत परिस्थतियों का सामना करना पड़ा जब एक कार्यक्रम में उन्हें बोलने का मौका ही नहीं दिया गया।

डिजिफेस्ट कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल की मौजूदगी में राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया सहित तमाम लोगों ने माइक संभाला। यहाँ तक कि वसुंधरा राजे सिंधिया पर किताब लिखने वाले लेखक को भी माइक थमाया गया लेकिन किसी ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल को बोलने के लिए आमंत्रित नहीं किया।

हालाँकि केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल ने इस पर कोई रिएक्शन नहीं दिया है लेकिन बड़े आश्चर्य की बात है कि जिस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री मौजूद हों और उनकी मौजूदगी में राज्य सरकार के सीएम से लेकर अफसर तक सम्बोधित कर रहे हों वहां केंद्रीय मंत्री को बोलने का मौका ही न दिया जाए।

कार्यक्रम समाप्त होने के बाद केंद्रीय मंत्री ने चुपचाप वहां से निकलना ही बेहतर समझा। वे बीकानेर में अपने घर चले गए। वहीँ बताया जा रहा है कि राजस्थान की सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल के बीच 36 का आंकड़ा होने के चलते केंद्रीय मंत्री को माइक नहीं दिया गया।

बता दें कि हाल ही में केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने मॉब लिचिंग को लेकर एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने मॉब लिचिंग को पीएम मोदी की लोकप्रियता से जोड़ते हुए कहा था कि पीएम मोदी की लोकप्रियता बढ़ने से मॉब लिचिंग की घटनाएं बढ़ रही हैं।

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