मुहिम: न ये फातिमा है, न ये सलमा है, तो कौन चला रहा फ़र्ज़ी आईडी

नई दिल्ली। सोशल मीडिया साइट फेसबुक पर अचानक आयी मुसलिम नामो से फेक प्रोफाइलो की बाढ़ ने यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि आखिर कौन लोग हैं जो मुस्लिम लड़कियों के नाम से फेक प्रोफ़ाइल बनाकर आपत्तिजनक पोस्ट और कमेंट लिख रहे हैं।

बड़े आश्चर्य की बात यह है कि मुस्लिम लड़कियों के नामो से बनायीं गयी फेक प्रोफाइलों में एक भी मुस्लिम फ्रेंड एड नहीं हैं और इन प्रोफाइलों से शेयर किये गए पोस्ट और कमेंट में उर्दू के शब्दों के इस्तेमाल की कोशिश अवश्य हुई है लेकिन पोस्ट पढ़कर समझ आ जाता है कि कमेंट और पोस्ट करने वाला व्यक्ति बेहद कम पढ़ा लिखा है और उसकी उर्दू तो छोड़िये हिंदी भी बेहद कमज़ोर है।

ऐसे फेक प्रोफाइलों से कई ग्रुपो में आपत्तिजनक पोस्ट शेयर किये जा रहे हैं, साथ ही मुस्लिम नामो से बनायीं गयी आईडी का इस्तेमाल इस्लाम विरोधी पोस्ट और टिप्पणियों के लिए किया जा रहा है।

मुस्लिम नाम से बनायीं गयी फ़र्ज़ी प्रोफाइलों के ज़रिये जिस तरह का मेटेरियल फेसबुक ग्रुपो में पोस्ट किया जा रहा है उसका स्तर इतना गिरा हुआ है कि हम उन पोस्टो का स्क्रीनशॉट पोस्ट करने में असमर्थ हैं।

लेकिन बेहद संक्षिप्त में इतना ज़रूर बता सकते हैं कि मुस्लिम नामो से आईडी बनाकर एक धर्म विशेष के लोगों को बदनाम किया जा रहा हैं, एक धर्म विशेष के खिलाफ भद्दे कमेंट और पोस्ट किये जा रहे हैं। इतना ही नहीं मुसलमानो को हिन्दू धर्म अपनाने, वनदे मांतरम गाने, सहित इस्लाम को एक बड़ी खामियों वाला मज़हब बताने की सलाह दी जा रही है।

जब मुस्लिम नाम वाली कई प्रोफाइलों को टटोलने के लिए हमने एक टीम को लगाया तो एक दिन में ही 1872 फेसबुक प्रोफ़ाइल ऐसे मिले जो हाल ही में बनाये गए हैं। सभी प्रोफाइलों के बीच एक चीज बेहद कॉमन है कि ये सभी प्रोफ़ाइल मुस्लिम महिलाओं और लड़कियों के नाम से बनाये गए हैं और इन प्रोफाइलों की फ्रेंड लिस्ट में कोई भी मुस्लिम मित्र नहीं है।

यहाँ एक अहम सवाल उठता है कि आखिर कौन लोग हैं जो लगातार मुस्लिम नामो का उपयोग करके फेक प्रोफ़ाइल बना रहे हैं और इन फेक प्रोफाइलों को बनाकर आपत्तिजनक पोस्ट डालने और भद्दे कमेंट करने के पीछे उनका अहम मकसद क्या है ?

इस मामले को हमने अभी और आगे ले जाने का तय किया है। हमारी तफ्तीश अभी जारी है। आज मिले संदिग्ध और फेक प्रोफाइलों की जानकारी हम फेसबुक के साथ भी साझा कर रहे हैं।

फिलहाल हम अपने सब्सक्राइबर्स को यह निवेदन अवश्य करेंगे कि सोशल मीडिया का उपयोग करते समय बेहद सावधानी बरतें। किसी भी पोस्ट की सच्चाई जाने बिना उस पर टिप्पणी देने बचें और अफवाहों से सावधान रहें।

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