मुस्लिम समरीन की जान बचाएगी सिख लड़की मंजीत, विरोध के बावजूद किडनी करेगी दान

नई दिल्ली। जम्मू के उधमपुर इलाके की एक सिख सामाजिक कार्यकर्ता 23 वर्षीय मंजोत सिंह कोहली ने परिवार के विरोध के बावजूद अपनी एक किडनी राजौरी की रहने वाली 22 वर्षीय मुस्लिम सहेली समरीन अख्तर को दान करने का फैसला किया है।

घर वालो द्वारा विरोध जताने पर मंजोत सिंह कोहली ने अदालत का दरवाजा खटखटाया है। मंजीत सिंह कोहली चाहती है कि किसी भी तरह उसकी सहेली समरीन अख्तर की जान बच सके।

मंजीत को जब ये पता चला कि उसकी सहेली समरीन की दोनों किडनियां ख़राब हो गयीं हैं और उसे तुरंत किडनी की आवश्यकता है तो उसने तुरंत डॉंक्टरों से सम्पर्क किया। डॉक्टरों ने बताया कि समरीन को तभी बचाया जा सकता है जब उसे कम से कम एक किडनी प्रत्यारोपित की जाए।

मंजीत ने उसी समय मन बना लिया कि वह समरीन की मदद के लिए कुछ भी करेगी। उसने डॉक्टरों के समक्ष अपनी एक किडनी समरीन अख्तर को दान देने की पेशकश की। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद डॉक्टरों ने भी सहमति दे दी कि मंजीत की एक किडनी समरीन के ट्राँसप्लाँट की जा सकती है।

इसके बाद मंजीत कोहली ने यह बात अपने परिजनों को बताई तो उन्होंने साफ़ तौर पर इंकार कर दिया। लेकिन मंजीत कोहली ने हिम्मत नहीं हारी और कई दिनों तक परिवार में यह वार्तालाप चलता रहा। अंत में मंजीत के परिजनों ने उसे हिदायत दी और समरीन अख्तर को किडनी न देने के लिए साफतौर पर कहा।

मंजीत कोहली अपने घर वालो के दबाव के खिलाफ कोर्ट पहुँच गयी। उसने कोर्ट के समक्ष कहा कि वह अपनी सहेली समरीन अख्तर की जान बचाना चाहती है और इसके लिए वह अपनी एक किडनी उसे दान देना चाहती है। अभी मामला कोर्ट में है लेकिन मंजीत कोहली को उम्मीद है कि कोर्ट उसे इस नेक काम से नहीं रोकेगा।

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