मुसलमानो पर अत्याचार के खिलाफ 15 देशो के राजदूत करेंगे मंथन

बीजिंग। चीन सहित कई देशो में मुसलमानो के अधिकारों के हनन को लेकर चीन के अशांत क्षेत्र शिनजियांग में चीन के वरिष्ठ अधिकारीयों के साथ बैठक में पंद्रह देशो के राजदूत भाग ले रहे है।

चीन में उइगर मुसलमानों के साथ हो रहे कथित मानवाधिकार उल्लंघन के मामले को लेकर पंद्रह देशो के राजदूत मंथन करेंगे और इस मामले में चीन से बातचीत के लिए खाका तैयार किया जाएगा।

एजेंसी की खबरों के मुताबिक इस बैठक की अगुवाई कनाडा करने जा रहा है। इस बैठक में चीन सहित कई देशो में मुसलमानो पर जबरन थोपे जा रहे नए नए कानूनों के माध्यम से हो रहे अधिकारों के हनन को लेकर रणनीति तैयार की जायेगी।

गौरतलब है कि चीन में मुसलमानो पर नए नए प्रतिबंध थोपे जा रहे हैं जो मुसलमानो की धार्मिक आज़ादी पर पाबंदी लगाने जैसे हैं। न्यूज़ एजेंसी रायटरको मिले एक पत्र में राजनयिकों ने सीधे तौर पर शिनजियांग क्षेत्र के कम्युनिस्ट पार्टी के मुखिया चेन क्वांगुओ का नाम लेकर कहा है कि देश में जिस तरह से अल्पसंख्यकों के साथ व्यवहार हो रहा है, उसको लेकर आ रही रिपोर्टों से हम चिंतित हैं।

पत्र में आगे लिखा है कि हालात को करीब से समझने के लिए हम आपके साथ एक मीटिंग करना चाहते हैं। इस पत्र में पंद्रह देशो के राजनयिकों की मौजूदगी की बात कही गयी है।

गौरतलब है कि हाल ही में जिनेवा में हुई संयुक्त राष्ट्र परिषद की चर्चा के दौरान कई देशों ने इस मुद्दे पर नाराजगी दिखाई। वहीं चर्चा के दौरान करीब 500 लोगों ने संयुक्त राष्ट्र के बाहर प्रदर्शन भी किया।

बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा गया है कि करीब 10 लाख उइगर और अन्य अल्पसंख्यक मुस्लिमों को हिरासत में लिया गया है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि अल्पसंख्यक मुस्लिमों को दाढ़ी रखने और हिजाब पहनने के कारण बिना वजह हिरासत में लिया गया है।

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