मुसलमानो को आरक्षण का लॉलीपोप दिखाकर वोट हासिल करना चाहती है बसपा

नई दिल्ली(राजाज़ैद)। आज अपने जन्मदिन के अवसर पर बसपा सुप्रीमो मायवती ने जिन मुद्दों को हवा दी उसमें मुसलमानो को दस फीसदी आरक्षण देने की बात भी शामिल है। जबकि मायावती जानती हैं कि इस देश के संविधान के मुताबिक धर्म पर आधारित आरक्षण दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं हो सकता।

दूसरा देश की मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में में पहले से 50% आरक्षण लागू है। इससे अधिक आरक्षण नहीं दिया जा सकता। अभी हाल ही में केंद्र द्वारा आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों के लिए दस प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान वाला अध्यादेश लाया गया लेकिन कानून के जानकारों कोई माने तो यह अध्यादेश भी कोर्ट में जाकर रुक जाएगा।

बसपा सुप्रीमो ने लोकसभा चुनाव के करीब आते ही मुसलमानो के लिए दस फीसदी आरक्षण की मांग करके यह जता दिया कि वे आरक्षण का लॉलीपॉप दिखाकर मुस्लिम मतदाताओं के ध्रुवीकरण का प्रयास कर रही हैं।

मायावती ने किसानो का मामला भी उठाया। जबकि अब से पहले कभी बसपा सुप्रीमो ने किसानो के मुद्दे पर एक शब्द तक नहीं कहा। यहाँ तक कि उत्तर प्रदेश में चीनी मिलो पर गन्ना किसानो के बकाये को लेकर भी मायावती प्राय खामोश ही रही हैं।

मायावती ने आज जो कुछ कहा वह सब चुनावी लच्छेदार बातो से ज़्यादा कुछ नहीं था। उत्तर प्रदेश में सपा के साथ गठबंधन तय होने के बाद आज मुसलमानो को आरक्षण और किसानो के कर्ज माफ़ी की बात से ज़ाहिर है कि गठबंधन होने के बावजूद भी बसपा आश्वस्त नहीं है और उसकी निगाहें किसानो और मुसलमानो पर टिकी हैं।

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