मुश्किल में नीतीश: शेल्टर होम मामले में नीतीशकुमार की भूमिका की होगी जांच

पटना। मुज़फ़्फ़रपुर शेल्टर होम मामले में बिहार के सीएम नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ती दिखाई दे रही हैं। मुजफ्फरपुर बालिका गृह यौन उत्पीड़न केस से जुड़े एक मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए गए हैं।

कोर्ट ने नीतीश कुमार के साथ ही समाज कल्याण विभाग के प्रधान सचिव अतुल प्रसाद और तत्कालीन डीएम धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ भी जांच के आदेश दिए हैं। जांच के ये आदेश विशेष पॉक्सो कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यरो (सीबीआई) के पटना एसपी को दिए हैं।

गौरतलब है कि बालिका गृह कांड में गिरफ्तार डॉक्टर अश्विनी ने अपने वकील के जरिए अर्जी दी थी। इसमें मांग की गई थी कि बालिका गृह के संचालन में सीएम नीतीश कुमार, समाज कल्याण प्रधान सचिव अतुल प्रसाद और तत्कालीन डीएम धर्मेंद्र सिंह की भूमिका की जांच की जाए।

आदेश में कहा गया था कि वर्ष 2013 से ही बालिका गृह को नियमित भुगतान किया जाता रहा था। सवाल उठाया गया है कि इसमें बिना मिलीभगत और प्रशासनिक शह के संभव नहीं था। अर्जी में यह भी कहा गया कि रूटीन जांच में बलिकागृह के संचालन के मामले को अधिकारी क्लीन चिट देते रहे हैं।

सीएम नीतीश कुमार को जांच के दायरे में लाये जाने के बाद अब विपक्ष नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग कर सकता है। माना जा रहा है कि अहले कुछ दिनों में बिहार का राजनैतिक तापमान बढ़ सकता है।

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