मुफ्त में सब्ज़ी नहीं देने पर नाबालिग को जेल भेजने के मामले में 11 पुलिसकर्मी निलंबित

पटना। बिहार में मुफ्त में सब्ज़ी न दिए जाने पर पुलिसिया रुतबा दिखाते हुए एक नाबालिग सब्जी विक्रेता की पिटाई और उसे झूठे मामलो में जेल भेजे जाने की पुलिसिया करतूत खुलने के बाद इस मामले में 11 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाही की गयी है।

इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हस्तक्षेप के बाद जांच पूरी हो गयी है। पटना जोनल आईजी नैयर हसनैन खां के जांच रिपोर्ट डीजीपी को सौंप दी। जांच के बाद आईजी ने अगमकुआं और बाईपास थाने के 11 पुलिसकर्मी को किया निलंबित कर दिया है।

इस मामले में दो अगमकुआं और बाईपास थाना के थानेदार समेत रेड करने वाली पूरी पुलिस पार्टी जिसमें 9 पुलिसकर्मी शामिल हैं, उन्हें भी सस्पेंड कर दिया गया है। इसके अलावा अगम कुआं थाना के सारे स्टाफ को पुलिस लाइन क्लोज कर दिया गया है।

जबकि, तत्कालीन एएसपी को बिना सुपर विजन के चार्जशीट दाखिल करने का दोषी ठहराते हुए अंतिम निर्णय पुलिस मुख्यालय पर छोड़ दिया गया है। वहीं, एसएसपी को तीन दिनों के अंदर सुपरविजन रिपोर्ट देने के लिये कहा गया है। दूसरी ओर, पीड़ित पंकज को रिमांड होम भेजने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।

जांच रिपोर्ट में साफ हो गया कि नाबालिग पंकज को झूठे मामले में फंसा कर जेल भेजा गया. रिपोर्ट में कहा गया है पंकज को जिस बाइक लूट की घटना में शामिल होने का आरोपित बना कर जेल भेजा गया, उसमें वह शामिल नहीं था।

जांच में खुलासा हुआ कि पुलिस ने लड़के को घटनास्थल से नहीं, बल्कि उसे पुलिस घर से उठा कर ले गयी थी। यहां तक की पुलिस द्वारा कोई चोरी का मोटरसाइकिल भी बरामद नहीं किया गया था।

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