मानसून सत्र: मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव मंजूर

नई दिल्ली। आज से शुरू हुए संसद के मानसून सत्र के पहले ही दिन से मोदी सरकार की अग्नि परीक्षा शुरू हो गयी है। आज संसद में टीडीपी और कांग्रेस के सांसदों ने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव रखा। जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

कांग्रेस और टीडीपी के कई सांसदों ने स्पीकर को अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। जिसमें से एक प्रस्ताव को सदन में 50 से ज्यादा सांसदों के समर्थन के बाद स्पीकर की ओर से स्वीकार किया गया। अब इस प्रस्ताव पर अगले 10 दिन में चर्चा करने का वक्त तय किया जाएगा।

मानसून सत्र के हंगामेदार होने की आशंका है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों कई मुद्दों पर आमने-सामने हैं. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक को पास कराने की मांग की है।

मॉनसून सत्र 10 अगस्त तक चलेगा, जिसमें कुल 18 बैठकें होनी हैं। सरकार की ओर से 46 विधेयकों को एजेंडे में रखा गया है। इनमे ट्रिपल तलाक सहित पिछड़ा वर्ग आयोग और 12 साल से कम की बच्ची के साथ रेप के आरोपी को फांसी की सजा के प्रावधान वाले बिल शामिल है।

इससे पहले आज राज्य सभा के लिए नये मनोनीत सांसद सोनल मानसिंह, राकेश सिन्हा और रघुनाथ महापात्रा ने शपथ ली। वहीँ संसद में मोब लिचिंग की घटनाओं को लेकर राजद और टीएमसी के सदस्यों ने हंगामा काटा।

वाईएसआर कांग्रेस के सांसदों ने आंध्रप्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग को लेकर संसद परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष हाथो में तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।

बता दें कि 18 दिन के संसद सत्र में कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए सभी दलों से सहयोग की अपील करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल कहा था कि सरकार सभी राजनीतिक दलों द्वारा उठाये गए मुद्दों को काफी महत्व देती है। उन्होंने उम्मीद जतायी कि सत्र के दौरान सभी राजनीतिक दल राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सकारात्मक चर्चा करेंगे।.

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