मध्य प्रदेश: पानी की किल्ल्त से जूझ रही जनता, कहीं चुनाव में बीजेपी को न पिला दे पानी

भोपाल ब्यूरो। मध्य प्रदेश के कई हिस्से पीने के पानी की किल्ल्त झेल रहे हैं। आवश्यकता से कम बारिश होने से कई इलाको में जलस्तर काफी नीचे पहुँच गया है और इन इलाको में बोरिंग करके पानी निकालना मुमकिन नहीं है।

बुंदेलखंड इलाके में पीने के पानी की किल्ल्त के चलते कई गाँव के परिवारों ने आसपास के गाँव में शरण ली है। आलम यह है कि हैंडपंप सूखे पड़े हैं, गाँवों के पोखरों और तालाबों में मवेशियों के पीने के लिए भी पानी नहीं है।

आम जनता की इन परेशानियों से दूर राज्य के सीएम शिवराज सिंह चौहान लगातार चौथी बार सरकार बनाने का सपना संजोये बैठे हैं। जानकारों की माने तो मध्य प्रदेश में पानी की किल्ल्त के चलते नाराज़ जनता चुनावो में बीजेपी को पानी न पिला सकती है।

पानी की किल्ल्त को लेकर जनता में बढ़ती नाराज़गी का आलम यह है कि कई इलाको में बीजेपी ने डर से अपनी विकास यात्रा को न भेजना ही बेहतर समझा है। जनता की नाराज़गी को भांपते हुए खुद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने हाल ही में मध्य प्रदेश में बीजेपी कार्यकर्ताओं के एक सम्मेलन में एलान किया कि इस बार पार्टी किसी के चेहरे को आधार बनाकर चुनाव नहीं लड़ेगी बल्कि संगठन के नाम पर चुनाव लड़ा जायेगा।

सूत्रों की माने तो मध्य प्रदेश में जनता की शिवराज सरकार से नाराज़गी की खबर पार्टी अध्यक्ष को पहले से है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी की साख को बट्टा लगते देख हाईकमान विधानसभा चुनाव में सौ से अधिक नए चेहरे उतारने का मन बना चूका है।

वहीँ दूसरी तरफ पानी, बिजली, सड़क और रोज़गार जैसी समस्याओं से जूझ रहे मध्य प्रदेश के कई इलाको में इस बार बीजेपी का बड़ा विरोध देखा जा रहा है। किसान पहले से ही बीजेपी से नाराज़ चल रहे हैं। ऐसे हालातो में बीजेपी के लिए चुनाव तक उबर पाना मुश्किल होगा।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें