मध्य प्रदेश के बाद एक्शन में छत्तीसगढ़ सरकार, राहुल बोले ‘देखा काम शुरू हो गया’

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में शपथ ग्रहण करने के चंद घंटो के अंदर राज्य सरकार द्वारा किसानो के कर्जमाफी के एलान के बाद छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार एक्शन में आ गयी है।

पहले ही दिन अहम निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने तीन बड़े फैसले लिए जिनमे 1.16 लाख 65 हजार से अधिक किसानों का 6100 करोड़ रूपये का कर्जा माफ, धान का समर्थन मूल्य बढाकर 2500 रूपये प्रति क्विंटल तथा झीरम हमले के शहीदों को न्याय दिलाने के लिए SIT का गठन किया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहली प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि पहली खेप में सहकारी और ग्रामीण बैंकों के अल्पकालिक कर्ज होंगे। कांग्रेस की सरकार पहले चरण में 6100 करोड़ का कर्ज माफ करेगी। कॉमर्शियल बैंकों के अल्पकालिक कर्जों के बारे में समीक्षा कर फैसला लिया जायेगा।

धान के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री कहा कि वादे के मुताबिक किसानों को समर्थन मूल्य और बोनस मिलाकर धान का मूल्य प्रति क्विंटल 2500 रूपये दिया जायेगा। यह इस समय मिल रहे 2100 रुपये से 400 रुपये ज्यादा होगा। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 36 लाख किसानों को इसका फायदा मिलेगा या फिर वर्तमान में सहकारी समितियों में पंजीकृत 13 लाख किसानों को ही लाभ मिलेगा। इसके अलावा झीरम कांड की जाँच के लिए एसआईटी के गठन को भी मंजूरी दी गई।

नक्सली समस्या का बंदूक से नहीं, बातचीत से निकालेंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सली समस्या का हल बंदूक से नहीं होगा। नक्सली इलाकों में रहने वाले लोग नक्सली और पुलिस दोनों की गोलियों के शिकार हो रहे हैं। पिछली सरकार बंदूक से ही इस समस्या को हल करने में लगी थी। नक्सलवाद सामाजिक ,राजनीतिक और आर्थिक समस्या है। समस्या के समाधान की रणनीति बनाने से पहले पीड़ित परिवारों की बात सुनी जाएगी।

शराबबंदी पर बनानी होगी आम सहमति

कांग्रेस ने अपने चुनावी वादे में राज्य में पूर्ण शराबबंदी की बात की है। भूपेश बघेल ने कहा कि एक झटके में पूर्ण शराबबंदी लागू नहीं की जा सकती है। छत्तीसगढ़ आदिवासी राज्य है, यहाँ की आदिवासी संस्कृति में शराब का चलन आम है। इसके लिए आम सहमति बनानी पड़ेगी।

फिजूलखर्ची पर लगेगी रोक

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में फिजूलखर्ची पर रोक लगाई जाएगी। आने वाले दिनों में इसकी समीक्षा की जायेगी। उन्होंने अफसरों को साफ किया कि भ्रष्टाचार और गड़बड़ी करने वाले अपने क्रियाकलाप बदल लें। कांग्रेस की सरकार गड़बड़ी करने वालों को नहीं बख्शेगी।

आज सुबह जब कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी संसद पहुंचे तो पत्रकारों से उन्होंने पूछा “क्या आपने देखा? काम शुरू हो गया है।” गौरतलब है कि छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और राजस्थान में कांग्रेस ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किसानो के कर्ज माफ़ करने का वादा किया था।

कल तीनो राज्यों में नए मुख्यमंत्रियों द्वारा शपथ लेने के साथ ही मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में किसानो के क़र्ज़ माफ़ करने का एलान कर दिया गया। वहीँ छत्तीसगढ़ में झीरम हमले के शहीदों को न्याय दिलाने के लिए SIT के गठन का भी एलान किया गया है।

तीनो राज्यों में विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने किसानो के लिए कर्जमाफी के वादे को प्रमुखता से किसानो के समक्ष रखा था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी सभाओं में कहा था कि सरकार बनने के दस दिनों के अंदर ही किसानो का कर्ज माफ़ कर दिया जायेगा।

इतना ही नहीं राहुल गांधी ने किसानो से वादा किया था कि यदि राज्य के मुख्यमंत्री दस दिनों में किसानो का कर्ज माफ़ नहीं कर पाते तो ग्यारहवें दें हम मुख्यमंत्री बदल देंगे।

फिलहाल कांग्रेस ने चुनावी वादों को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में नई सरकारें बन चुकी हैं और कामकाज शुरू हो गया है।

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