मध्यप्रदेश में दो और किसानों ने खुदकुशी की

भोपाल। मध्य प्रदेश में जहाँ एक तरफ शिवराज सिंह सरकार किसानो के लिए कल्याणकारी योजनाओं के दावे कर रही हैं वहीँ राज्य में किसानो के आत्महत्या करने का सिलसिला अभी भी जारी है। अब मध्य प्रदेश के दो और किसानों ने कर्ज से परेशान होकर बुधवार रात आत्महत्या कर ली।

पुलिस ने गुरुवार को बताया कि पहला मामला शिवपुरी के कोलारस स्थित विनयका गांव का है। यहां के 60 वर्षीय किसान कल्ला केवट ने बुधवार को पेड़ से फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

नायब तहसीलदार राजीव सिंह भदौरिया के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है। जबकि केवट के बेटों ने बताया कि उनके पास करीब तीन बीघा जमीन है और जिससे परिवार का गुजारा चलता है। लेकिन पिछली बार फसल खराब होने के कारण परिवार पर 80 हजार रुपये का कर्ज हो गया है। खरीफ की फसल बोने के लिए भी उनके पास पैसा नहीं हैं। इसको लेकर केवट परेशान थे। बेटे ने बताया कि पिता का अंतिम संस्कार भी गांववालों के सहयोग से कर पाए हैं।

पुलिस अधिकारी एसएन चौधरी ने बताया कि खुदकुशी की दूसरी घटना होशंगाबाद जिले के चपलासर गांव में हुई। यहां के किसान नर्मदा प्रसाद यादव ने कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली। नर्मदा ने सहूकार से 50 हजार रुपये का कर्ज लिया था।

मृतक के भाई अशोक ने मीडिया को बताया कि वह मूंग की फसल बेचने होशंगाबाद आए थे। यहां पर फसल बेचने से मिले 45 हजार रुपये प्रभाकर ने छीन लिये थे। यहां तक गालीगलौच करते हुए ट्रैक्टर भी जबरन अपने नाम करा लिया। इससे दुखी होकर नर्मदा ने कीटनाशक पी लिया, जिसकी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।

चौधरी ने बताया कि अशोक की तहरीपर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि बुधवार को दिन में भी मध्यप्रदेश के एक किसान ने कीटनाशक पीकर खुदकुशी कर ली थी।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें