भीम आर्मी नेता कमल वालिया के भाई की हत्या पर पूरे प्रदेश में होगा प्रतिरोध: रिहाई मंच

लखनऊ:. रिहाई मंच ने भीम आर्मी के सहारनपुर जिला अध्यक्ष कमल सिंह वालिया के भाई सचिन वालिया के हत्या पर रोष प्रकट करते हुए कहा कि सहारनपुर समेत पूरे प्रदेश में सामन्ती अपराधियों को योगी सरकार का खुला संरक्षण प्राप्त है, दूसरी तरफ इन्साफ के लिए संघर्षरत लोगों के खिलाफ सत्ता संरक्षण में हमले हो रहे हैं. मंच पूरे सूबे इन्साफ पसंद तंजीमों के साथ मिलकर सचिन वालिया की हत्या का प्रतिरोध करेगा.

रिहाई मंच महासचिव राजीव यादव ने सचिन वालिया के हत्या पर दुःख प्रकट करते हुए कहा कि पूरे सूबे में सामन्ती तत्वों के मनोबल चरम पर हैं क्योंकि सामन्ती ताकतों के सरगना खुद मुख्यमंत्री हैं. योगी आदित्यनाथ पहले हिन्दू युवा वाहिनी के सामन्ती गुंडों के सरगना थे और अब मुख्यमंत्री के तौर पर राजपूत अपराधियों को संरक्षण दे रहे हैं.

उन्होंने कहा की भीम आर्मी के नेताओं पर राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर रासुका लगाकर जेल बंद किया जाना एक रणनीति है ताकि नाइंसाफी के खिलाफ कोई बोले नही, दूसरी तरफ सहारनपुर समते पूरे सूबे में शासन-प्रशासन राजपूत अपराधियों न सिर्फ बचा रहा बल्कि उनके सहयोगी की भूमिका निभा रहा है.

रिहाई मंच ने मांग की कि भीम आर्मी के नेताओं को तत्काल सुरक्षा मुहौया करायी जाये. मंच पूरे सूबे में तमाम इंसाफपसंद तंजीमो के साथ सचिन वालिया की हत्या पर प्रतिरोध करेगा. रिहाई मंच इस दुःख की घड़ी में भीम आर्मी के नेताओं के साथ खड़ा है.

क्या है मामला:

बुधवार को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष के भाई की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई. मृतक सचिन वालिया भीम आर्मी का मीडिया प्रभारी था.

रिपोर्ट के मुताबिक, थाना देहात कोतवाली क्षेत्र के मल्हीपुर रोड पर महाराणा प्रताप जयंती मनाई जा रही थी। वहीं से 100 कदम की दूरी पर ये वारदात हुई है. इस मामले में एसएसपी बबलू कुमार का कहना है कि सचिन वालिया अपना देसी कट्टा साफ कर रहा था और अचानक गोली चल गई, जिस कारण उसकी मौत हुई है.

इलाके में तनाव की वजह से जिला प्रशासन ने आगामी आदेश तक इंटरनेट सेवाओं को बंद करने का फैसला किया है. इस दौरान मोबाइल, एंड्रायड मोबाइल और नेट सेवा पूरी तरह से बंद रहेगी .

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