भागवत के बयान पर आज़म का सवाल: क्या उनकी आर्मी के पास चीन और पाक जैसे हथियार भी हैं

नई दिल्ली। संघ प्रमुख मोहन भागवत द्वारा सेना से संघ की तुलना वाले बयान पर पूर्व केबिनेट मंत्री और सपा के कद्दावर नेता आज़म खान ने तंज कसा है। आज़म खान ने संघ प्रमुख के बयान पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ये तो बहुत अच्छी बात है, अब देश के पास डबल आर्मी है।

आज़म खान ने कहा कि संघ प्रमुख को यह भी बताना चाहिए कि उनकी आर्मी दो तीन दिन में तैयार हो जाती है उसके पास चीन और पाकिस्तान जैसे हथियार भी हैं या नहीं। आज़म ने कहा कि चीन ने ज़मींन हथिया रखी है। ये डबल आर्मी से चीन और पाकिस्तान दोनों से निपटने में बड़ी सहूलियत हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि ये तो बहुत अच्छा हो गया, मोहन भागवत का स्वागत करेंगे। अब देश में भी डर पैदा होगा देशवासियों में कि एक प्राइवेट आर्मी भी देश में हो गई है।

मोहन भागवत द्वारा अपने बयान में संविधान की अनुमति देने का ज़िक्र करने के सवाल पर आजम खान ने कहा कि ”जिसकी सरकार उसका संविधान, सरकार के कंट्रोल में आर्मी होती है, अब डबल आर्मी हो गई सरकार के पास। इसमें बुरा मानने की क्या बात है। क्यों बुरा मान रहे हो? स्वागत होना चाहिए, वेलकम होना चाहिए।

बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बिहार के मुजफ्फरपुर में आयोजित आरएसएस के पांच दिवसीय कार्यक्रम में कहा कि सेना के लोग युद्ध की स्थिति में तैयार होने में छह से सात महीने का वक्त लगा सकते हैं लेकिन हमारे लोग यानी संघ के कार्यकर्ता दो से तीन दिन में ही तैयार हो जाएंगे।

भागवत ने कहा कि संघ के लोग सेना की तरह ही अनुशासित होते हैं। उन्होंने कहा कि अगर संविधान और कानून इजाजत दे तो युद्ध की स्थिति में हमारे स्वयंसेवक सेना से भी पहले तैयार होकर मौके पर पहुंचने में सक्षम होंगे। भागवत ने कहा कि अनुशासन ही संघ की पहचान है।

 

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