भागलपुर दंगे में आरोपी केंद्रीय मंत्री के बेटे की हाईकोर्ट में अग्रिम ज़मानत अर्जी ख़ारिज

पटना। हिन्दू नववर्ष के दिन बिना पुलिस अनुमति के रैली निकालने के दौरान भड़के दंगे में आरोपी केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत की अग्रिम ज़मानत की अर्जी को आज पटना हाईकोर्ट ने ख़ारिज कर दिया है।

इस मामले में भाजपा नेता अभय कुमार घोष उर्फ सोनू समेत आठ आरोपित प्रमोद कुमार वर्मा, संजय भट्ट, देव कुमार पांडेय, सुरेंद्र पाठक, निरंजन सिंह, प्रणव साह व अनूप लाल साह की अग्रिम जमानत अर्जी पर कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

वहीँ प्रथम एसीजेएम की कोर्ट में नाथनगर थाना प्रभारी जनीफुद्दीन ने भाजपा नेता अर्जित शाश्वत समेत सभी आरोपित के खिलाफ इश्तहारी व कुर्की की अर्जी दाखिल की है। इस पर कोर्ट ने अभी कोई निर्देश जारी नहीं किया है।

इस मामले में कोर्ट को बताया गया कि जुलूस के गाने में दूसरे धर्म को आघात पहुंचा। यह गाना आयोजक ने डीजे वाले को चिप से दिया था। हंगामा के बाद चिप को वापस ले लिया गया।

जुलूस निकालने का आवेदन दिया था, उसकी कोई अनुमति नहीं मिली थी। डीजे को भी अनुमति नहीं मिली थी। यह डीजे वाला भी पूछताछ में बोला है। आवाज को कम करने के लिए कहा तो वे नहीं मान रहे थे।

घटना के दौरान भाजपा नेता अर्जित शाश्वत अपनी पत्नी के नाम से जारी सिम ले गये थे। यह सिम घटना वाले क्षेत्र में 3.29 बजे से चार बजे तक वहां था। उनकी मौजूदगी में धार्मिक नारा लगा और घटना हुई। वहां की घटना को व्हाट्सएप के माध्यम से फैलाया गया, जिससे अन्य जगहों पर तनाव बढ़ा।

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