भागलपुर दंगा: केंद्रीय मंत्री के बेटे के खिलाफ वारंट जारी

पटना। हिन्दू नव वर्ष के अवसर पर बिना पुलिस अनुमति के भागलपुर में हिन्दू संगठनों द्वारा निकाले गये जुलुस से भड़के दंगे में केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत चौबे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

गौरतलब है कि 17 मार्च को हिन्दू नव वर्ष के मौके पर बीजेपी, विहिप और बजरंग दल द्वारा निकाले गये जुलुस का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे का बेटा अर्जित शाश्वत चौबे कर रहा था। इस जुलुस की पुलिस से अनुमति नहीं ली गयी थी।

स्थानीय लोगों की माने तो जैसे ही यह जुलुस नाथनगर इलाके में पहुंचा तो वहां मुस्लिम विरोधी नारेबाजी भी की गयी। जिसके बाद दंगा भड़क उठा था। इस मामले में पुलिस ने जांच के बाद जुलुस की अगुवाई कर रहे नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

इस मामले में आज भागलपुर की सीजीएम कोर्ट ने अर्जित समेत नौ लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। इसलिए अर्जित पर गिरफ्तारी या सरेंडर करने का दबाव बढ़ गया है। बता दें कि अश्वनी चौबे का बेटा अर्जित शाश्वत चौवे 2015 में भागलपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी के टिकिट पर चुनाव भी लड़ चूका है।

केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे के बेटे अर्जित शाश्वत चौबे के अलावा जिन लोगों के खिलाफ वारंट जारी किये गए हैं उनमे देव कुमार पांडे, अनूप लाल साह, प्रणब साह, अभय घोष सोनू, प्रमोद वर्मा, निरंजन सिंह, संजय भट्ट और सुरेंद्र पाठक शामिल है।

इससे पहले पुलिस द्वारा दर्ज की गयी एफआईआर पर केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे ने कहा था कि उन्हें अपने पुत्र पर गर्व है। वहीँ भागलपुर कोर्ट द्वारा गिराफ्तारी का वारंट जारी होने पर उन्होंने कहा है कि उसने कोई गंदा काम नहीं किया है। इसलिए वो सरेंडर क्यों करेगा? केंद्रीय मंत्री ने पुलिस एफआईआर को झूठ का पुलिंदा करार दिया और कहा कि अर्जित कहीं छुपा हुआ नहीं है।

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