बड़ी खबर: सीबीआई निदेशक पद से हटाए गए आलोक वर्मा

नई दिल्ली। बुधवार को सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद छुट्टी से वापस आकर अपना चार्ज लेने वाले सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को सेलेक्ट कमेटी ने सीबीआई निदेशक पद से हटा दिया है।

आलोक वर्मा के चार्ज संभालने के 36 घंटो के अंदर हटा दिए जाने से एक बार फिर मामला गरमा गया है। अलोक वर्मा ने दोबारा चार्ज लेने के बाद तबादलों के पुराने आदेशों को रद्द कर दिया था तथा उन्होंने चार्ज लेते ही पांच अफसरों के तबादलों का आदेश जारी किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली तीन सदसीय सेलेक्ट कमेटी ने 02 – 01 के आधार पर आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटाने का फैसला लिया है। जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने आलोक वर्मा को सीबीआई निदेशक के पद से हटाने का विरोध किया लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी और जस्टिस सीकरी उन्हें हटाने के पक्ष में थे।

इससे पहले बुधवार को भी सेलेक्ट कमेटी की बैठक हुई थी। इस बैठक में सीवीसी ने आलोक वर्मा को छुट्टी पर भेजे जाने संबंधी रिपोर्ट सेलेक्ट कमेटी के समक्ष रखी थी। कल करीब डेढ़ घंटे तक चली सेलेक्ट कमेटी की बैठक में कोई फैसला नहीं लिया जा सका।

जानकारी के मुताबिक कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़के ने सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा का बचाव किया और उन्हें पद पर बने रहने देने की बात सेलेक्ट कमेटी में रखी थी। गौरतलब है कि सीबीआई में आलोक वर्मा और राकेश अस्थाना ने एक दूसरे पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद बड़े विवाद के चलते दोनों को अवकाश पर भेज दिया गया था।

आलोक वर्मा ने इस मामले को लेकर सुप्रीमकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। जिसके बाद सुप्रीमकोर्ट ने उनका अवकाश रद्द करने का फैसला सुनाते हुए उन्हें बड़ी राहत दी थी। सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद आलोक वर्मा ने बुधवार को ही फिर से सीबीआई निदेशक का पदभार संभाला था।

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