बड़ी खबर : सरकार ने माना, पहले भी हुए हैं सर्जिकल स्ट्राइक’

नई दिल्ली। अंततः केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार को सार्वजनिक तौर पर यह मानना ही पड़ा कि नियंत्रण रेखा पार पहले भी सर्जिकल स्ट्राइक होती रहीं हैं। विदेश सचिव एस. जयशंकर ने संसदीय समिति की बैठक में पूर्व के सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में सांसदों द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने यह स्वीकार किया कि मोदी सरकार में ही पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक नही हुआ ये पहली सरकारों के समय में भी होता रहा है ।

हालांकि विदेश सचिव का बयान रक्षा मंत्री के दावे के विपरीत है । रक्षा मंत्री सहित केंद्र सकरार के कई मंत्री लगातार इस बात को नकारते रहे हैं कि मोदी सरकार से पहले किसी अन्य सरकार के कार्यकाल में भारतीय सेना की तरफ से सीमा पर कोई सर्जिकल अटैक हुआ था ।

नई दुनिया की वेबसाइट पर [प्रकाशित एक खबर में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि जयशंकर ने विदेश मामलों की संसदीय समिति को बताया कि नियंत्रण रेखा पार पहले भी लक्षित और सीमित क्षमता वाले आतंक रोधी अभियान हुए हैं। खबर के अनुसार जयशंकर ने कहा कि 29 सितंबर के सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भविष्य में पाकिस्तान के साथ बातचीत का कैलेंडर अभी तैयार नहीं हुआ है। अभियान के तुरंत बाद पाकिस्तान सैन्य संचालन महानिदेशक को इस बारे में सूचना दी गई थी।

खबर के अनुसार करीब ढाई घंटे तक चली संसदीय समिति की बैठक में सेना उपप्रमुख ले. जन. बिपिन रावत ने भी नियंत्रण रेखा पार आतंकी लांच पैड पर हुई सर्जिकल स्ट्राइक का ब्योरा दिया। आतंकियों को हुए नुकसान के बारे पूछे जाने पर कहा कि सेना सर्जिकल स्ट्राइक के लिए गई थी न कि सुबूत इकट्ठा करने।

गौरतलब है कि रक्षा मंत्री मनोहर पर्रीकर ने संप्रग सरकार के कार्यकाल में सर्जिकल स्ट्राइक के कांग्रेस के दावे को खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उड़ी आतंकी हमले के बाद पहली बार सर्जिकल स्ट्राइक की गई। उनका कहना था कि पूर्व में कमांडरों ने स्थानीय स्तर पर अभियान किए। इनमें सरकार शामिल नहीं थी।

अपनी राय कमेंट बॉक्स में दें
ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *