बुलेट ट्रेन के लिए ज़मीन अधिग्रहण के खिलाफ किसानो ने रखी ये मांग

अहमदाबाद। गुजरात में अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए किसानो ने अपनी ज़मीन अधिग्रहित किये जाने का सख्त विरोध किया है। किसानो का कहना है कि वे किसी भी हाल में बुलेट ट्रेन के लिए अपनी ज़मीन नहीं देंगे।

किसानो ने कहा कि सरकार उनके साथ धोखा कर रही है। उन्हें कम समय पर सोमवार को हुई बैठक के लिए बुलाया गया था। रविवार को समाचार पत्रों में नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन के जरिए इस बैठक के संबंध में जानकारी दी गई थी।

किसानो का कहना है कि अख़बार में जो जानकारी दी गयी थी वह पूरी तरह भ्रामक थी। उन्होंने कहा कि समाचार पत्रों में लिखा था कि बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए ज़मीन के अधिग्रहण के लिए दूसरी बैठक बुलाई गयी है जबकि पहली बैठक कब हुई इसका कुछ अतापता नहीं है।

किसानो ने कहा कि उन्हें बैठक की जानकारी समाचार पत्रों से मिली, सरकार की तरफ से उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई सूचना नहीं भेजी गयी। किसानो से सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार किसानो को अँधेरे में रखकर उनकी ज़मीनो पर कब्ज़ा करना चाहती है।

किसानो ने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए वडोदरा और भरुच कलेक्टर को अपनी मांग के आधार पर ज्ञापन भी सौंपा। किसानो का नेतृत्व कर रहे हसमुख भट्ट का कहना है कि सरकार पहले किसानो ज़मीन के बदले मुआवज़े की बात करे। सरकार किसानो को बताये कि उन्हें ज़मीन देने की एवज में कितना मुआवज़ा मिलेगा।

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