बुलंदशहर काण्ड: गौकशी के आरोप में जेल भेजे गए 4 लोग निकले निर्दोष

मेरठ ब्यूरो। 3 दिसंबर को बुलंदशहर जनपद के स्याना इलाके में एक खेत में मांस टुकड़े मिलने के बाद भड़की हिंसा की जांच में जुटे पुलिस महकमे की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है।

पुलिस ने खेत में मिले मांस के टुकड़ो को गौकशी मानते हुए इस मामले की जांच आगे बढ़ाई और चार लोगों साजिद, सरफुद्दीन, बन्ने खा व आसिफ को गौकशी के आरोप में जेल भेज दिया। अब पुलिस का कहना है कि जेल भेजे गए चारो लोगों को जांच में निर्दोष पाया गया हैं।

गौरतलब है कि पुलिस ने 5 दिसंबर को गौकशी के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया था और उन्हें पूछताछ के बाद जेल भेज दिया था। ये चारो लोग पिछले 14 दिनों से बिना किसी कुसूर के जेल में हैं। पुलिस भी अब अपनी चूक स्वीकार कर रही है।

दरअसल मंगलवार को पुलिस ने गौकशी में एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। इस व्यक्ति से पूछताछ के बाद ही पुलिस को यह पता चल सका कि जिन चार लोगों को पहले जेल भेजा गया है वे सभी निर्दोष हैं।

बुलन्दशहर के एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव ने इस मामले में अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि मंगलवार को गिरफ्तार किए गए गोकशी के आरोपियों से हुई पूछताछ में इस बात का खुलासा हुआ है।

बताया जाता है कि अब पुलिस जेल में बंद निर्दोष साजिद, सरफुद्दीन, बन्ने खा व आसिफ को जेल से निकालने के लिए 169 की कार्यवाही कर रही है। वहीं सुबोध कुमार सिंह की हत्या मामले दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है लेकिन मामले के मुख्य आरोपी योगोश राज और शिखर अग्रवाल अब भी पुलिस के हाथ नहीं आए हैं।

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