बीजेपी ने पल्ला झाड़ा तो करकरे पर अपने बयान के लिए साध्वी ने मांगी माफ़ी

नई दिल्ली। मुंबई हमले के दौरान शहीद हुए तत्कालीन एटीएस चीफ हेमंत करकरे को लेकर भोपाल सीट से बीजेपी उम्मीदवार साध्वी प्रज्ञा सिंह द्वारा दिए गए बयान से बीजेपी द्वारा पल्ला झांड़ने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान के लिए माफ़ी मांगी है।

साध्वी प्रज्ञा द्वारा मुंबई हमले में शहीद हुए हेमंत करकरे को लेकर दिए गए बयान पर चौतरफा घिरी बीजेपी ने साध्वी प्रज्ञा सिंह के बयान से पल्ला झाड़ते हुए एक बयान जारी कर कहा कि भारतीय जनता पार्टी हेमंत करकरे को शहीद मानती है और उनका पूरा सम्मान करती है।

पार्टी की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि साध्वी प्रज्ञा द्वारा दिया गया बयान उनकी निजी राय है। भाजपा का मानना है कि करकरे बहादुरी के साथ आतंकवादियों से लड़ते हुए मारे गए. भाजपा ने हमेशा उन्हें शहीद माना है।

बीजेपी द्वारा पल्ला झाड़ने के बाद साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान को वापस लेते हुए माफ़ी मांगी है। साध्वी प्रज्ञा ने अपने बयान के लिए माफ़ी मांगते हुए कहा कि यह उनका व्यक्तिगत दर्द है।

उन्होंने कहा कि ‘मैंने महसूस किया कि देश के दुश्मनों को इसका फायदा हो रहा है, इसलिए मैं अपना बयान वापस लेती हूं और इसके लिए माफी मांगती हूं। यह मेरी व्यक्तिगत पीड़ा थी।’

क्या कहा था साध्वी प्रज्ञा ने :

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि हेमंत करकरे ने उन्हें ग़लत तरीक़े से फंसाया है। प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि एक अधिकारी ने हेमंत करकरे से उन्हें छोड़ने का कहा था लेकिन करकरे ने कहा था कि वो कुछ भी करेंगे, सबूत लाएंगे लेकिन साध्वी को नहीं छोड़ेंगे। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि हेमंत करकरे का ये क़दम देशद्रोह था, धर्मविरुद्ध था।

साध्वी बोलीं, ”ये उसकी कुटिलता थी ये देशद्रोह था धर्मविरुद्ध था, वो मुझसे पूछता था कि क्या मुझे सच के लिए भगवान के पास जाना होगा, तो मैंने कहा था कि आपको जरूरत है तो जाइए।”

भोपाल में पत्रकारों बातचीत में साध्वी ने कहा, ”मैंने उसे कहा था तेरा सर्वनाश होगा, उसने मुझे गालियां दी थीं. जिस दिन मैं गई तो उसके यहां सूतक लगा था और जब उसे आतंकियों ने मारा तो सूतक खत्म हुआ।”

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