बीजेपी नेता के बेटे को ज़मानत देने के लिए पुलिस ने हटा ली थीं संगीन धाराएं

चंडीगढ़। चंडीगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के बेटे द्वारा कथित तौर पर एक आईएएस अधिकारी की बेटी का पीछा करने और छेड़खानी के मामले में खुलासा हुआ है कि चंडीगढ़ पुलिस ने बीजेपी नेता के बेटे तो तुरंत ज़मानत देने के लिए संगीन धाराएं हटा ली थीं।

इण्डिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सुभाष बराला के बेटे विकास बराला को थाने से ही छोड़ने के लिए पुलिस ने धाराएं बदल दीं जिससे आरोपी विकास बराला को थाने से ही ज़मानत मिल गयी और वह जेल जाने से बच गया।

रिपोर्ट के मुताबिक हरियाणा पुलिस ने पहले विकास और उसके दोस्त के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 डी (पीछा करना) और मोटर वेहिक्ल एक्ट की धारा 185 के तहत एफआईआर दर्ज की, इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ आईपीसी की तीन और धाराएं 341, 365, और 511 लगाई।

जबकि पीड़ित लड़की के बयान के अनुसार विकास बराला पर अगवा करने की कोशिश का मुकदमा धारा 365 के तहत दर्ज होना चाहिए था। रिपोर्ट के मुताबिक इन धाराओं को हटाने के बाद पुलिस ने इन दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किये बिना जमानत दे दी। आरोपियों के खिलाफ अहम धाराएं हटाकर सवालों के घेरे में आई हरियाणा पुलिस का कहना है कि वो धारा 365 और धारा 511 पर कानूनविदों की राय ले रही है।

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