बीजेपी को उसी की रणनीति से घेरेगी कांग्रेस, पुराने मतदाताओं पर होगी नज़र

नई दिल्ली(राजाज़ैद)। 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस अलग अलग राज्यों में अलग अलग दलों के साथ गठबंधन करने के अलावा उन 65 फीसदी मतदाताओं पर नज़र रखे हुए हैं जो कभी कांग्रेस के परम्परागत मतदाता हुआ करते थे।

पार्टी सूत्रों की माने तो 2019 के आम चुनाव में पार्टी युवान और किसान के साथ साथ आदिवासी, अल्पसंख्यकों और दलित मतदाताओं पर पूरा फोकस करेगी। यही कारण है कि कांग्रेस अध्यक्ष किसानो, बेरोज़गारो और आदिवासियों के मुद्दे लगातार उठा रही है।

वहीँ कल दिल्ली में हुए कांग्रेस के अल्पसंख्यक सम्मेलन में महिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा तीन तलाक को लेकर दिए गए बयान से यह भी साफ़ हो चला है कि कांग्रेस अल्पसंख्यको को फिर से पार्टी की मुख्यधारा की तरफ मोड़ने की कोशिश कर रही है। बता दें कि कल अल्पसंख्यक सम्मेलन में महिला कांग्रेस सांसद ने भरोसा दिलाया था कि 2019 में कांग्रेस सत्ता में आने के बाद तीन तलाक बिल को ख़ारिज कर देगी।

यहाँ यह जान लेना भी ज़रूरी है कि 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंश की घटना के बाद कांग्रेस के परम्परागत मतदाता कहे जाने वाले मुस्लिम मतदाताओं ने क्षेत्रीय दलों की तरफ रुख कर लिया। इसके चलते पार्टी के वोट बैंक को भारी नुकसान उठाना पड़ा और अल्पसंख्यक मतों के क्षेत्रीय दलों में विभाजन से देशभर में बीजेपी को बड़ा फायदा पहुंचा।

अब पार्टी एक बार फिर से पुरानी लय में वापस आने के लिए प्रयास कर रही है। किसानो और आदिवासियों के मुद्दे उठाकर ग्रामीण क्षेत्रो से मतदाताओं को पार्टी से फिर से जोड़ने की कवायद शुरू हो चुकी है। वहीँ मोदी सरकार में नौकरियों की कमी से बढ़ी बेरोज़गारी के मुद्दे को लगातार उठाया जा रहा है।

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार जिन अहम मुद्दो को उठाकर केंद्र की सत्ता तक पहुंची थी कांग्रेस उन्ही मुद्दों के सहारे बीजेपी को बड़ी मात देने की तैयारियों में जुटी है।

पार्टी सूत्रों की माने कल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा बुलाई गयी पार्टी महासचिवो और प्रदेश प्रभारियों की बैठक में 2019 के लोकसभा चुनावो को लेकर पार्टी के अंदर गहन मंत्रणा हुई है। पूर्व से पश्चिम तक और उत्तर से दक्षिण तक पार्टी अपनी एक ही रणनीति रखेगी। एक ख़ास रणनीति के तहत मोदी सरकार के पांच सालो के शासन की नाकामियों का लेखा जोखा तैयार हो चूका है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता फरवरी समाप्त होते होते देश के अलग अलग राज्यों में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर बीजेपी पर चोट करेंगे। इतना ही नहीं देश के 65 फीसदी मतदाताओं को लक्ष्य बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किये जायेंगे।

सूत्रों की माने तो पार्टी के वरिष्ठ और भरोसेमंद साफ़ सुथरे चेहरों को आगे रखा जाएगा। इस बात का इशारा कल कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी पार्टी महासचिवों और प्रभारियों की बैठक में दे चुके हैं। राहुल गांधी ने बैठक में साफतौर पर कहा था लोकसभा चुनाव में पार्टी युवा और अनुभव पर फोकस रखेगी।

पार्टी ने उम्मीदवारों के चयन को लेकर भी साफतौर पर कहा है कि इस बार पहले चुनावो की तरह नहीं होगा और प्रत्याशियों का चयन आखिरी वक़्त तक लटका कर नहीं रखा जायेगा। जिससे पार्टी उम्मीदवारों को प्रचार और जनसम्पर्क के लिए पूरा समय मिल सके।

11 फरवरी से पार्टी पूरी तरह से चुनावी मोड में आजायेगी। 11 फरवरी को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ लखनऊ पहुंचेंगे। 11 फरवरी के लिए लखनऊ में कांग्रेस बड़ी तैयारियां कर रही है। माना जा रहा है कि फरवरी माह में उत्तर प्रदेश में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिंधिया कम से कम दस बड़ी रैलियां कर कांग्रेस में जान फूंकेंगे।

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