बीजेपी के आंतरिक सर्वे में आधे से अधिक सांसदों की सीट खतरे में

नई दिल्ली। अगले वर्ष होने जा रहे आम चुनावो की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी के लिए उसके आंतरिक सर्वे की एक रिपोर्ट मुसीबत बन गयी है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पार्टी ने चुनाव में टिकिट वितरण से पहले अपने वर्तमान सांसदों को लेकर एक सर्वे कराया था। इस सर्वे में आधे से अधिक सांसदों की रिपोर्ट नेगेटिव आयी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र और गुजरात में बीजेपी सांसदों के कामकाज पर असंतोष व्यक्त करते हुए आधे से अधिक सांसदों के कामकाज और उनकी छवि को नेगेटिव करार दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 2014 में 282 सीटें जीतने वाली भारतीय जनता पार्टी के 152 सांसदों के पुनः जीत पाने को लेकर संदेह ज़ाहिर किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार 152 लोकसभा क्षेत्र ऐसे चिन्हित किये गए हैं जहाँ बीजेपी को जीतने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी।

सर्वे में महंगाई, किसानो की बढ़ती नाराज़गी और बढ़ती बेरोज़गारी को लेकर पार्टी को आगाह किया गया है। इतना ही नहीं सर्वे में कहा गया है कि जनता के साथ निरंतर संवाद करने की आवश्यकता है।

रिपोर्ट में पार्टी को सुझाव दिया गया है कि वह 152 लोकसभा सीटों पर नए चेहरे उतारे तो बेहतर होगा। इनमे उत्तर प्रदेश की 48 सीटें भी शामिल हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने सिर्फ उत्तर प्रदेश से ही 71 सीटें जीती थीं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आंतरिक सर्वे में मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और गुजरात की भी कई सीटों पर उम्मीदवारों के बदलाव करने का सुझाव रखा गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य प्रदेश में 16, राजस्थान में 13, महाराष्ट्र में 17 और बिहार 12 सीटों पर बीजेपी के लिए खतरा पैदा हो गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि इन सीटों पर पार्टी ने अपने नए उम्मीदवार नहीं उतारे तो उसका जीत पाना मुश्किल होगा।

पार्टी के आंतरिक सर्वे रिपोर्ट में विपक्ष की एकजुटता और महागठबंधन का ज़िक्र भी किया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो आंतरिक सर्वे में कहा गया है कि यदि राष्ट्रीय स्तर पर महागठबंधन जैसा विपक्ष का कोई गठजोड़ बना तो बीजेपी को कई अहम सीटें गंवानी पड़ सकती हैं। इनमे सर्वाधिक सीटें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान,बिहार, महाराष्ट्र और गुजरात से होंगी।

गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनावो में बीजेपी ने सर्वाधिक सीटें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात में ही जीती थीं। ऐसे में यदि बीजेपी को पुनः सत्ता में आना है तो उसके लिए पिछले चुनाव में जीती गयीं सीटें बरकरार रखना आवश्यक होगा।

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