बीएसपी की मेयर बनने के बाद बड़ा फैसला, निगम बैठकों में नहीं होगा वंदे मातरम

मेरठ। नगर निगम चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के टिकिट पर मेयर चुनी गयीं सुनीता वर्मा ने पद संभालने के बाद एक बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व मेयर के नगर निगम की बैठकों में अनिवार्य तौर पर वंदे मातरम गाने का फैसला पलट दिया है। अब मेरठ नगर निगम की बैठकों में वंदे मातरम नहीं गया जाएगा।

बता दें कि मेरठ नगर निगम में पूर्ववर्ती बीजेपी के मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने मार्च 2017 में नगर निगम की बैठकों में वंदे मातरम गाये जाने के लिए प्रस्ताव पेश किया था, जो ध्वनि मत से पास हो गया था। जिसे नई मेयर सुनीता वर्मा ने अब रद्द कर दिया है।

बीजेपी के मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने वंदे मातरम् का गान अनिवार्य करते हुए ऐसा नहीं करने वाले पार्षदों की सदस्यता खत्म करने की चेतावनी दी थी।

निकाय चुनाव में निर्वाचित हुई बीएसपी की मेयर सुनीता वर्मा ने साफ कर दिया कि नगर निगम बोर्ड की बैठक में राष्ट्रगीत वंदे मातरम् का गान नहीं कराया जाएगा, हालांकि बैठक में राष्ट्रगान की परंपरा को पहले की तरह ही निभाया जाता रहेगा।

मेरठ की मेयर के इस फैसले पर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं। इसी के साथ इस मामले में एक बार फिर से सियासत गरमाने लगी है। बीजेपी ने इसे राष्ट्रीय गीत का अपमान बताया है।

ताज़ा हिंदी समाचार और उनसे जुड़े अपडेट हासिल करने के लिए फ्री मोबाइल एप डाउनलोड करें अथवा हमें फेसबुक, ट्विटर या गूगल पर फॉलो करें