बिहार में दिमागी बुखार से अब तक सौ बच्चो की मौत, केंद्र और राज्य के मंत्रियों के खिलाफ मुकदमा

पटना। बिहार में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) से अब तक सौ बच्चो की जान जा चुकी है। सौ मासूमो की मौत से जनाक्रोश भड़क उठा है। इस बीच सामाजिक कार्यकर्त्ता तमन्ना हाशमी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दायर किया है।

सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने हर्षवर्धन और मंगल पांडेय के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है जिस पर 24 जून को सुनवाई होगी। तमन्ना हाशमी का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री ने गलत आंकड़े पेश किए हैं, अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की हालत बेहद खराब है। इसी को आधार मानकर केस दर्ज कराया गया है।

बिहार में हालात इतने नाजुक दौर में पहुँच जायेंगे ये शायद सरकार ने भी नहीं सोचा होगा। अभी भी हज़ारो की तादाद में बच्चे अस्पतालों में भर्ती हैं और उनका इलाज किया जा रहा है।

रविवार को उत्‍तर बिहार के सबसे बड़े अस्‍पताल श्रीकृष्‍ण मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल (एसकेएमसीएच) में 24 घंटे के अंदर 16 और बच्‍चों की मौत होने से मृतकों की संख्या 84 हो गई थी जो सोमवार को बढ़कर 100 हो गई है। मुजफ्फरपुर व आस-पास के इलाकों में अब तक इस बीमारी से 100 से अधिक बच्‍चों की मौत हो गई है।

एसकेएमकेएच के सुपरिंटेंडेंट सुनील कुमार शाही ने सोमवार को बताया कि इंसेफलाइटिस के चलते मुजफ्फरपुर में अब तक 100 बच्चों की मौत हो चुकी है। बच्चो की ताबड़तोड़ हो रही मौत से जागी बिहार और केंद्र सरकार के मंत्रियों ने इस मामले में समीक्षा बैठक का आयोजन किया।

रविवार को ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने मुजफ्फरपुर में श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल (एसकेएमसीएच) का दौरा किया था और बीमारी के प्रकोप पर चिंता जाहिर की थी। हर्षवर्धन के साथ केंद्रीय राज्यमंत्री अश्विनी चौबे और बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय भी मौजूद थे। हर्षवर्धन ने स्वास्थ्य और जिला अधिकारियों के साथ-साथ एसकेएमसीएच के डॉक्टरों के साथ हाई लेवल मीटिंग की।

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