बदरुद्दीन का दावा : असम में किसी को नहीं मिलेगा बहुमत, सरकार बनाने की चाबी बदरुद्दीन के पास !

असम में चुनाव सम्पन्न होने के बाद अब किसकी सरकार बनेगी इसका फैसला 19 मई को होगा लेकिन राज्य में अभी से अफवाहों का बाजार गर्म होना शुरू हो गया है । क्या असम में सरकार बनाने के लिए एक बार फिर सेकुलर दलों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और कांग्रेस सत्ता में लौटेगी या नहीं ये बड़ा सवाल है।

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गुवाहाटी । असम में चुनाव सम्पन्न होने के बाद अब किसकी सरकार बनेगी इसका फैसला 19 मई को होगा लेकिन राज्य में अभी से अफवाहों का बाजार गर्म होना शुरू हो गया है । क्या असम में सरकार बनाने के लिए एक बार फिर सेकुलर दलों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी और कांग्रेस सत्ता में लौटेगी या नहीं ये बड़ा सवाल है।

इस बीच एआईयूडीएफ के प्रमुख बदरुद्दीन अजमल ने भविष्यवाणी की है कि इस चुनाव में किसी को बहुमत नहीं मिलेगा और वो किंगमेकर की भूमिका में होंगे।असम में वोटिंग खत्म होने से पहले बदरुद्दीन अजमल ने खुद को किंगमेकर बता दिया है और साफ कर दिया है कि वो चुनाव के बाद कांग्रेस के साथ जा सकते हैं बशर्ते सोनिया गांधी खुद फोन करें।

हालांकि बदरुद्दीन के ऑफर को कांग्रेस ने ये कहकर अभी खारिज कर दिया है कि उसे किसी की जरूरत नहीं पड़ने वाली। वैसे बीजेपी और उसकी सहयोगी पार्टी कह रही है कि इसकी नौबत नहीं आने वाली है क्योंकि सरकार बीजेपी गठबंधन की बनने वाली है।
असम में चुनाव खत्म हो गया है। अब 19 मई को ही तय होगा कि सरकार कौन बनाएगा। लेकिन असम की राजनीति में बदरुद्दीन अजमल की ताकत को कम करके नहीं आंका जा सकता।

साल 2005 में अपनी पार्टी बनाने वाले बदरुद्दीन खुद धुबरी सीट से लोकसभा के सांसद हैं और इनकी पार्टी ने 2014 के चुनाव में लोकसभा की 3 सीटें जीती थीं। मौजूदा विधानसभा में एआईयूडीएफ के 18 विधायक हैं। मुस्लिम वोटरों पर बदरुद्दीन की अच्छी पकड़ है और राज्य में 40 से 50 ऐसी सीटें हैं जहां मुस्लिम वोट निर्णायक स्थिति में है। यही वजह है कि परफ्यूम मेकर बदरुद्दीन खुद को असम की राजनीति का किंगमेकर मान रहे हैं।

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