सरकार फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार लेकिन बीजेपी को सता रहा ये डर

नई दिल्ली। कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस विधायकों के इस्तीफे के बाद मौके की तलाश में बैठी भारतीय जनता पार्टी आगे आकर कुछ भी कहने से कतरा रही है। वहीँ दूसरी तरफ राज्य के मुख्यमंत्री कुमार स्वामी शक्ति परीक्षण के लिए भी तैयार दिख रहे हैं।

जहाँ एक तरफ बागी विधायकों को लेकर दिल्ली से बेंगलुरु तक दौड़ भाग चल रही थी वहीँ दूसरी तरफ केबिनेट की बैठक में सीएम कुमार स्वामी ने साफ़ तौर पर कहा कि वे फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार हैं।

राज्य में सत्तारूढ़ दलों के विधायकों के इस्तीफो से पैदा हुई रार के बाद अब कांग्रेस जेडीएस पूरी तरह एकजुट दिखाई दे रहे हैं और हर हाल में बीजेपी को उसके गेम में मात देने का मन बना चुके हैं।

कांग्रेस सूत्रों की माने तो बागी विधायकों पर स्पीकर के फैसले के बाद आगे की व्यूह रचना की जायेगी। वहीँ सूत्रों ने कहा कि बागी विधायकों में आपस में फूट पड़ गयी है और संभव है कि कल तक अधिकांश विधायक वापस आ जाएँ। सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को बीजेपी में शामिल करने को लेकर अंतर्कलह पैदा हो गयी है।

वहीँ दूसरी तरफ जनता दल सेकुलर ने अपने विधायकों से फ्लोर टेस्ट के लिए तैयार रहने को कहा है। सीएम कुमार स्वामी ने इस्तीफा देने के सवाल पर दो टूंक शब्दों में कहा कि वे इस्तीफा क्यों देंगे ? उनकी सरकार अल्पमत में नहीं है और यदि ऐसा है तो सदन में शक्ति परीक्षण होना चाहिए।

वहीँ जानकारों की माने तो परदे के पीछे से बागी विधायकों को समर्थन दे रही बीजेपी तब तक सामने नहीं आना चाहती जब तक वह विधायकों की संख्या को लेकर पूरी तरह आश्वस्त न हो जाए।

यदि बीजेपी विधानसभा में शक्ति परीक्षण के लिए प्रस्ताव लाती है और नंबर उसके पक्ष में नहीं रहते तो उसकी एक बार फिर किरकिरी हो सकती है। वहीँ बीजेपी अपने दामन को दागदार होने से बचाने की कोशिश में खुलकर सामने नहीं आ रही। हालाँकि यह बात साबित हो चुकी है कि बीजेपी की तरफ से विधायकों को प्रलोभन दिया जाता रहा है।

इससे पहले भी कई बार कर्नाटक में बीजेपी पर जेडीएस और कांग्रेस विधायकों को प्रलोभन देने के आरोप लग चुके हैं लेकिन बीजेपी अपने मकसद में कामयाब नहीं हो सकी। राज्य में कई बार ऑपरेशन कमल चलाया गया लेकिन हर बार कांग्रेस और जेडीएस विधायक बीजेपी के जाल में ट्रेप होने से बच निकले।

अब चूँकि मामला सुप्रीमकोर्ट तक पहुँच चूका है और कोर्ट के आदेश के बाद गुरूवार को बागी विधायकों ने स्पीकर से मुलाकात कर ली है। इसलिए माना जा रहा है कि कल देर शाम तक कोई फैसला सामने आ सकता है।

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