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प.बंगाल: दंगा भड़काने के लिए इस्तेमाल किये गए फिल्मो और गुजरात दंगो से जुड़े फोटो

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के 24 परगना उत्तर में शांति और सुकून वापस लौट रहा है। एक विवादित फेसबुक पोस्ट के बाद भड़की हिंसा के बाद यहाँ वर्षो से कायम हिन्दू मुस्लिम भाईचारे को साजिशन पलीता लगा दिया गया और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गयी।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दंगो की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। कुछ इलाको में अभी भी निषेधाज्ञा लागू है तथा पुलिसबल तैनात किये गए हैं। स्थानीय लोगों की माने तो दंगा कराने के लिए एक बड़ी साजिश रची गयी थी। दंगो में सोशल मीडिया और व्हाट्सएप पर फैलाई गयी अफवाहों ने बड़ी भूमिका अदा की।

लोगों को संदेह है कि हिंसा करने वाले इस इलाके के नहीं थे बल्कि दूसरे इलाको से आये थे। लोगों ने बताया कि सब कुछ पहले से सुनियोजित सा लगता है। जिस तरह फेसबुक पर जानबूझ कर विवादित पोस्ट डालकर उसे शेयर किया गया और उसके बाद पश्चिम बंगाल के व्हाट्सएप ग्रुपो में दंगो की फ़ज़ी तस्वीरें शेयर की गयीं उनसे लगता है कि सब कुछ एक बड़ी प्लानिंग के तहत हुआ।

एक भोजपुरी फिल्म का दृश्य जिसे दंगा भड़काने के लिए किया गया इस्तेमाल

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दंगो को पहले ही बड़ी साजिश करार दे चुकी हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में हुई हिंसा को लेकर दो राष्ट्रीय चैनलों की भूमिका पर भी सवाल उठाये हैं और इन पर कार्रवाही के आदेश दिए हैं।

स्थानीय लोगों की माने तो दो चैनलों ने न सिर्फ मनगढ़ंत ख़बरें दिखायीं बल्कि दंगो को और बड़ा दिखाने के लिए फ़र्ज़ी वीडियो का सहारा भी लिया। लोगों के अनुसार ये वीडियो कुछ फिल्मो के अंश थे जिनमे लोग तोड़फोड़ और आगजनी के अलावा लोगों को घर से निकालकर मारपीट कर रहे हैं। सनसनी फ़ैलाने के लिए इन चैनलों ने उन दृश्यों का सहारा लिया जिनमे महिलाओं और बच्चो को भी निशाना बनाया जा रहा है।

2002 गुजरात दंगो की एक तस्वीर जिसे दंगा भड़काने के लिए किया गया इस्तेमाल

इतना ही नहीं दंगो की आग में घी डालने के लिए व्हाट्सएप ग्रुपो में कुछ भोजपुरी फिल्मो के दृश्य शेयर किये गए जिनमे कुछ लोग एक महिला की साड़ी खींच रहे हैं। लोगों ने कहा कि ये साफ़ तौर पर यह साबित करने की कोशिश थी कि पश्चिम बंगाल के बशीरहाट में हुई हिंसा में मुस्लिम लोग हिन्दू महिलाओं पर ज़ुल्म कर रहे हैं।

2014 के दंगो की एक तस्वीर जिसे दंगा भड़काने के लिए किया गया इस्तेमाल

वहीँ इस षड्यंत्र में शामिल लोगों ने वर्ष 2002 में गुजरात में हुए दंगो के दौरान हुई आगजनी के फोटो सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुपो में शेयर कर यह जताने की कोशिश की कि बशीरहाट में दंगा करने वालो को सरकार का समर्थन है और यहाँ पुलिस दंगाइयों का समर्थन कर रही है।

लोगों ने कहा कि सब कुछ देखकर ऐसा लगता है जैसे यह किसी के इशारे पर हो रहा हो। बशीरहाट में आग भड़काने में बड़े चैनलों की भूमिका यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि आखिर वोट बैंक के लिए राजनैतिक दल किस स्तर तक जा सकते हैं। फ़र्ज़ी फोटो शेयर करने के मामले में बीजेपी नेता भी पीछे नही रहे। बीजेपी प्रवक्ता नूपुर शर्मा ने गुजरात दंगो की तस्वीरो को पश्चिम बंगाल का दंगा बता कर शेयर किया।

 

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