प्रवीण तोगड़िया से छिनी वीएचपी की कमान, 2019 में बीजेपी के लिए बन सकते हैं परेशानी

नई दिल्ली। विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया के हाथ से विश्व हिन्दू परिषद की कमान छिन चुकी है और अब उनकी जगह विष्णु सदाशिवम् कोकजे वीएचपी के नए अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं।

जानकारों की माने तो प्रवीण तोगड़िया को बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी से उलझना महंगा साबित हुआ है। शनिवार को वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में तोगड़िया गुट के राघव रेड्डी को शिकस्त मिली और विष्णु सदाशिवम् कोकजे वीएचपी के नए अध्यक्ष चुन लिए गए।

प्रवीण तोगड़िया के भविष्य को लेकर तरह तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो विहिप नेता प्रवीण तोगड़िया हिम्मत हार कर खामोश बैठने वालो में से नहीं हैं।

चुनाव से पहले ही तोगड़िया को यह भनक लग चुकी थी कि अब उनके हाथ से विहिप अध्यक्ष का पद जाने वाला है। इसलिए शनिवार को चुनाव से पहले उन्होंने मीडिया से बातचीन में इशारा दिया कि वे खामोश नहीं बैठेंगे।

एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में जब तोगड़िया से पूछा गया कि चुनाव हारने के बाद वो क्या करेंगे, तब उन्होंने राम मंदिर, कश्मीरी हिंदू, रोजगार और किसानों के मुद्दों का जिक्र करते हुए जवाब दिया कि इन सभी मुद्दों पर मोदी सरकार पिछले चार सालों में विफल रही है।

2019 के आम चुनाव में तोगड़िया क्या मोदी और बीजेपी को समर्थन करेंगे, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ये मोदी जी को तय करना है। तोगड़िया का कहना है कि अगर राम मंदिर जैसे मुद्दों पर हमारी मांग पूरी नहीं की जाती है, तो वह मोदी का साथ नहीं देंगे। उन्होंने कहा है कि ऐसी स्थिति में वो जनता की इच्छा पूरी करने वाली व्यवस्था को जिताने का काम करेंगे।

वहीँ सूत्रों के अनुसार तोगड़िया जल्द ही अपनी किताब लांच करने जा रहे हैं। यह किताब बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल बन सकती है। इस किताब में तोगड़िया ने लिखा है कि बीजेपी ने किस तरह राम मंदिर के नाम पर हिन्दुओं को गुमराह करने राजनैतिक फायदा लिया है।

फिलहाल देखना है प्रवीण तोगड़िया का अगला कदम क्या होगा। लेकिन इतना तय है कि 2019 में तोगड़िया बीजेपी के लिए बड़ी मुश्किल ज़रूर बन सकते हैं।

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