प्रवीण तोगड़िया की हालत स्थिर, हालातो से मेल नहीं खाते डॉक्टरों और पुलिस के तर्क

अहमदाबाद। विश्व हिन्दू परिषद नेता प्रवीण तोगड़िया जिन हालातो में कल अहमदाबाद में सड़क किनारे पड़े मिले थे उस पर बीजेपी की खामोशी पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

बीजेपी के लिए हिन्दू मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने में बड़ा योगदान निभाने वाली विश्व हिन्दू परिषद के शीर्ष नेता प्रवीण तोगड़िया के लापता होने और उनके अचेतावस्था में मिलने पर बीजेपी के किसी कद्दावर नेता का बयान न आना अपने आप में बहुत कुछ कहता है।

डॉक्टरों के अनुसार प्रवीण तोगड़िया की हालत स्थिर है। वे शुगर लबिल कम होने के कारण बेहोश हुए थे। किसी व्यक्ति ने एम्बुलेंस सवाल वन ज़ीरो एट को फोन कर प्रवीण तोगड़िया को अस्पताल भेजने की व्यवस्था की थी।

वहीँ पुलिस इस मामले में अभी तक प्रवीण तोगड़िया का बयान दर्ज नहीं कर सकी है। पुलिस ने उस व्यक्ति का पता ज़रूर कर लिया है जिसके साथ कल प्रातः 10.45 बजे प्रवीण तोगड़िया ऑटो में बैठकर अहमदाबाद के वीएचपी कार्यालय गए थे और उसके बाद लापता हो गए थे। पुलिस इस व्यक्ति का नाम धीरुभाई कपूरिया बता रही है जो कि विश्व हिन्दू परिषद के कार्यालय में ही काम करता है।

वहीँ प्रवीण तोगड़िया जिन हालातो में सड़क के किनारे पड़े मिले उससे कई गंभीर सवालो ने जन्म लिया है। करीब दस घंटे लापता रहने के दौरान प्रवीण तोगड़िया कहाँ थे। सबसे बड़ा सवाल उनकी सुरक्षा को लेकर उठ रहा है।

वीएचपी नेता प्रवीण तोगड़िया को Z प्लस सुरक्षा मिली हुई है। किन कारणों के चलते प्रवीण तोगड़िया अपने सुरक्षा दस्ते को अपने साथ नहीं ले गए और गाड़ी की जगह ऑटो में बैठकर वीएचपी कार्यालय जाने की कहकर घर से निकले थे।

डॉक्टरों का दावा है कि प्रवीण तोगड़िया का शुगर लेबिल कम हो गया था। इसके चलते वे चक्कर खाकर गिरने से बेहोश हुए थे। लेकिन अहम सवाल यह भी है कि प्रवीण तोगड़िया पैदल क्यों चल रहे थे और उनके साथ कोई अन्य क्यों नहीं था ? आखिर किन कारणों के चलते उन्हें सरकारी एम्बुलेंस 108 से अस्पताल भेजा गया।

ये कुछ ऐसे सवाल हैं जो डॉक्टरों और पुलिस की थ्यौरी से मैच नहीं खाते। फिलहाल प्रवीण तोगड़िया के बयान का इंतज़ार है। उनके बयान के बाद ही सही स्थति सामने आ सकेगी।

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