प्रधानमंत्री को मारने की धमकी सिर्फ सहानुभूति पाने का जरिया: शरद पवार

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिली धमकी को लेकर सियासी बहस तेज है। अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार ने रविवार को प्रधानमंत्री मोदी को मिली धमकी को सहानुभूति पाने का जरिया बताया है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, शरद पवार ने कहा, “कुछ लोगा धमकी भरे खत की बात कर रहे हैं। मैने एक सेवा निवृत्त पुलिस अधिकारी से बात की है, जिन्होंने सीआईडी में काम किया है उन्होंने मुझे बताया कि पत्र में ऐसा कुछ भी नहीं है। यह पत्र सिर्फ लोगों की सहानुभूति पाने का जरिया था।”

पवार ने पुणे पुलिस द्वारा पिछले दिनों गिरफ्तार किए गए कथित पांच नक्सलवादियों पर भी अपनी बात रखी। इन लोगों को पुलिस ने भीमा कोरेगांव हिंसा में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

शरद पवार ने कहा, “एक जैसी विचारधारा के लोग एकजुट होते हैं तो उन्हें नक्सली बता कर गिरफ्तार कर लिया जाता है। भीमा-कोरेगांव हिंस्सा में सब को छोड़ कर उन लोगों को गिरफ्तार किया गया जिनका उस से कोई संबंध ही नहीं था। यह ताकत का गलत इस्तेमाल है।”

गडकरी ने दी कानूनी कार्रवाही की धमकी :

वहीँ दूसरी तरफ जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्रसंघ की पूर्व उपाध्यक्ष शेहला रशीद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। हालांकि बाद में नितिन गडकरी की चेतावनी के बाद शेहला ने ट्वीट को व्यंग्यात्मक बताया।

शेहला ने ट्वीट कर कहा, ‘ऐसा लगता है कि आरएसएस/गडकरी मोदी की हत्या की योजना बना रहे हैं, इसके बाद इसका आरोप मुस्लिमों और वामपंथियों पर लगा दो जिससे उन्हें मुस्लिमों को मारने का मौका मिल जाएगा।’

शेहला के इस ट्वीट से हड़कंप मच गया। नितिन गडकरी ने इसके जवाब में बिना नाम लिए ट्वीट कर कहा, ‘ऐसा बेहूदा आरोप लगाने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ मैं कानूनी कार्रवाई करूंगा। मुझ पर अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए आरोप लगाया गया है कि मैं पीएम मोदी की हत्या करने की साजिश रच रहा हूं।’

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