प्रद्युम्न केस : सीबीआई और हरियाणा पुलिस की अलग अलग थ्योरी

नई दिल्ली। गुरुग्राम के रियान इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रद्युम्न के मर्डर मामले में अब उसी स्कूल के ग्यारहवीं के छात्र को गिफ्तार किया गया है।

सीबीआई का दावा है कि प्रद्युम्न केस को हल कर लिया गया है लेकिन इससे पहले हरियाणा पुलिस ने बस कंडेक्टर को प्रद्युम्न की ह्त्या के आरोप में गिफ्तार किया था।

इतना ही नहीं हरियाणा पुलिस का दावा था कि बस कंडेक्टर ने प्रद्युम्न की ह्त्या करने की बात कबूल की है।

यहाँ एक बड़ा सवाल यह उठता है कि यदि प्रद्युम्न की ह्त्या का गुनाहगार ग्यारहवीं का छात्र है तो बस कंडेक्टर ने ह्त्या की बात कैसे कबूल कर ली। सीबीआई और हरियाणा पुलिस के दावों में से किसका दावा सही है ?

इससे पहले कल सीबीआई ने गुरुग्राम पुलिस की थ्योरी को खारिज कर दिया था, वहीं आज गुरुग्राम पुलिस ने सीबीआई की नई थ्योरी पर सवाल उठाए हैं। सीबीआई के दावों को गुरुग्राम के पुलिस कमिश्नर संदीप खिरवार ने अनर्थ बताया है। उन्होंने कहा है, ‘’मुझे क्या पता कि सीबीआई ने क्या अनर्थ कर दिया है।’’

प्रद्युम्न केस में सबसे बड़ा सवाल सबूतों को लेकर सामने आ रहा है। सीबीआई ने सबूत के तौर पर ग्यारहवीं के छात्र से चाक़ू बरामद किया है। सीबीआई का कहना है कि गिफ्तार किये गए ग्यारहवीं के छात्र ने प्रद्युम्न की हत्या परेंट्स टीचर मीटिंग से बचने और परीक्षाएं टालने के उद्देश्य से की थी।

वहीँ दूसरी तरफ हरियाणा पुलिस ने बस कंडक्टर अशोक को ही कातिल करार दिया था। हरियाणा पुलिस का दावा था कि कंडक्टर अशोक ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हरियाणा पुलिस ने प्रद्युम्न की हत्या में इस्तेमाल चाकू और उसके खून से सने कपड़ों को सबसे पुख्ता सबूत करार दिया था।

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