प्रचार थमा, गोरखपुर – फूलपुर में बीजेपी की प्रतिष्ठा दांव पर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीटों गोरखपुर और फूलपुर के लिए हो रहे उपचुनाव के लिए प्रचार का काम समाप्त हो गया है। दोनों सीटों पर 11 तारीख को मतदान होगा तथा परिणामों की घोषणा 14 मार्च को की जाएगी।

गौरतलब है कि गोरखपुर सीट उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के इस्तीफा देने तथा फूलपुर सीट उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के इस्तीफे की वजह से खाली हुई है।

चुनाव प्रचार के अंतिम दिन आज सभी राजनैतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत प्रचार में लगा दी। फूलपुर सीट पर 22 तथा गोरखपुर सीट पर 10 उम्मीदवार मैदान में हैं।

गोरखपुर सीट पर बीजेपी ने उपेंद्र दत्त शुक्ला, कांग्रेस ने सुरहिता करीम तथा समाजवादी पार्टी ने प्रवीण निषाद को उम्मीदवार बनाया है। वहीँ फूलपुर सीट पर बीजेपी ने कौशलेन्द्र सिंह पटेल, कांग्रेस ने मनीष मिश्र तथा समाजवादी पार्टी ने नागेन्द्र सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया है। फूलपुर सीट पर पूर्व सांसद अतीक अहमद निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं।

जानकारों के अनुसार दोनो ही लोकसभा सीटों पर कांटे की टक्कर होने की सम्भावना है। बीजेपी के लिए एक बड़ी मुश्किल यह है कि इस बार 2014 के लोकसभा चुनाव की तरह मोदी लहर जैसी कोई बात नहीं है तथा केंद्र और राज्य दोनों जगह बीजेपी की सरकार है। ऐसे में उसे सरकार विरोधी लहर का सामना करना पड़ सकता है।

लोकसभा उपचुनाव के लिए दोनों सीटों पर बीजेपी और समाजवादी पार्टी ने जहाँ प्रचार में अपनी पूरी ताकत झौंकी वहीँ कांग्रेस की तरफ से प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर ने ताबड़तोड़ सभाएं की। जानकारों के अनुसार लोकसभा उपचुनाव में दोनों सीटें जीतना बीजेपी के लिए नाक का सवाल है। वहीँ सपा और कांग्रेस भी बीजेपी से यह सीटें छीनने का प्रयास करेंगी।

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