पैसे निकालने के लिए तीन दिनों से बैंक के चक्कर काट रही महिला की मौत

पटना ब्यूरो। देश में नगदी की किल्लत ने एक बार फिर नोट बंदी की याद ताजा करा दी है। बिहार के पूर्णिया जिले के रुपौली में एक बीमार वृद्ध महिला पिछले तीन दिनों से पैसे निकालने के लिए बैंक के चक्कर काट रही थी लेकिन उसे पैसा नहीं मिला और चौथे दिन उसकी बैंक के सामने ही मौत हो गयी।

इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली इस घटना में एक मुस्लिम बुज़ुर्ग महिला बीबी नूरजहां खातून(65) निवासी मैनी संथाल गांव की मौत हो गयी। मृतक महिला के बेटे लाल मोहम्मद ने मीडिया को बताया कि उसकी मां पिछले तीन दिनों से रोज़ाना सेंट्रल बैंक के चक्कर लगा रही थी।

मृतक महिला के बेटे ने बताया कि उसकी मां अपने खाते से 17 हज़ार रुपये निकालने के लिए सेंट्रल बैंक आती रही लेकिन बैंक के लोग नगदी न होने का बहाना करते रहे।

वहीँ स्थानीय लोगों का कहना है कि बैंक के कर्मचारी छोटे और गरीब लोगों को बैंक के चक्कर लगवा रहे हैं और कॅश न होने का बहाना कर रहे हैं जबकि रसूकदार लोगों को कैश दिया जा रहा है।

महिला की मौत के बाद नाराज़ लोगों ने अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए रुपौली कुरसेला स्टेट हाइवे पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासन के लोगों ने भीड़ को समझा बुझाकर जाम हटवाया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि बैंक में नगदी मौजूद होती है फिर भी बचत खाता धारको को नगदी नहीं दी जाती और उन्हें परेशान किया जाता है। लोगों ने महिला की मौत के लिए बैंक कर्मचरियों को बताया।

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