पूर्व अधिकारियों का खुला पत्र: आज के हालात के लिए बताया पीएम मोदी को ज़िम्मेदार

नई दिल्ली। कठुआ, उन्नाव और सूरत गैंग रेप मामलो को लेकर जहाँ देश के कई शहरो में लोग प्रदर्शन कर अपने गुस्से का इज़हार कर रहे हैं वहीँ इस बीच देश के पूर्व नौकरशाहों ने खुला पत्र लिखकर आज के हालातो के लिए साफ़ तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी को ज़िम्मेदार बताया है।

देश के 49 सेवानिवृत्त सिविल सेवा अधिकारियों के समूह ने लिखे अपने खुले पत्र में कहा गया है कि यह हमारा सबसे अंधकारमय दौर है और केंद्र सरकार और राजनैतिक पार्टियां इससे निपटने में विफल साबित हुई है।

पत्र में कहा गया है कि नागरिक सेवाओं से जुड़े युवा साथी भी लगता है कि अपनी जिम्मेदारियां पूरी करने में विफल साबित हुए हैं। पूर्व नौकरशाहों ने इसी के साथ पीएम से अपील की है कि वह कठुआ और उन्नाव में पीड़ित परिवारों से माफी मांगे, फास्ट ट्रैक जांच कराएं और इन मामलों को लेकर सभी दलों की एक बैठक बुलाएं।

इससे पहले कल भी देश में कठुआ, उन्नाव और सूरत रेप मामलो को लेकर प्रदर्शन किये गए। गुजरात के सूरत और अहमदाबाद में केंडिल मार्च निकाला गया वहीँ दिल्ली के संसद मार्ग पर जुटे लोगों ने हाथो में पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। मुंबई के बांद्रा में लोगों ने गैंगरेप की घटनाओं के विरोध में प्रदर्शन किया।

कठुआ, उन्नाव और सूरत की घटनाओं में कथित तौर पर बीजेपी से जुड़े लोगों का नाम आने के बाद कई शहरों में बीजेपी के खिलाफ बैनर भी लगाए गए हैं। उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद और केरल में कई घरो और मोहल्लो में ऐसे पोस्टर लगे हैं जिन पर लिखा है कि यहाँ बीजेपी कार्यकर्ताओं का आना मना है।

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