पीएम मोदी के 59 मिनट में 1करोड़ के लोन वाले दावे में ये है लोचा

नई दिल्ली। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा छोटे के लिए एक करोड़ का लोन 59 मिंनट में दिए जाने का दावा किया गया लेकिन इस दावे में भी एक लोचा है और सच्चाई यह है कि लोन की राशि कम से कम 7 से 10 दिन में ही खाते में पहुँचती है।

छोटे कारोबारियों को 59 मिनट में एक करोड़ का लोन उपलब्ध कराये जाने के पीएम नरेंद्र मोदी के दावों पर कारोबारी और बैंकर ही सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसा होना संभव नहीं लगता है।

वित्त मंत्रालय की प्रेस रिलीज के अनुसार 59 मिनट में कोई भी कारोबारी पोर्टल पर जाकर जरूरी डिटेल देकर एक करोड़ रुपये तक का इन प्रिसिंपल अप्रूवल ही ले पाएगा। लोन की राशि उसे बैंक से 7-8 कार्यकारी दिवस में मिल पाएगी।

आउटलुक की एक खबर के मुताबिक इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के पूर्व चेयरमैन और सारेश्वर इंडस्ट्रीज के एम.डी. एन.के.खरबंदा ने आउटलुक को बताया कि 59 मिनट में लोन का दावा भरोसा नहीं जताता है। मैं पिछले 40 साल से बिजनेस कर रहा हूं, ऐसा होना चमत्कार है। अभी अगर सारे डॉक्युमेंट्स पूरे कर लिए जाते हैं, तो भी 30-60 दिन का समय लोन मिलने में लग जाता है। ऐसे में केवल 59 मिनट में लोन एक असंभव सा काम लगता है। अगर सरकार बैंकों पर दबाव डालकर ऐसा करती है, तो इससे उसके सामने एक नई समस्या खड़ी हो सकती है।

बैंकर सुनील पंत के अनुसार 59 मिनट में लोन को आप इस तरह समझे कि सरकार कारोबारियों की दिक्कत को समझकर उनके लिए फास्टट्रैक सिस्टम लाना चाहती है। नए ऐलान से प्रोसेस में तेजी जरूर आएगी।

वहीं, हरियाणा चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के वाइस चेयरमैन ए.एल.अग्रवाल के अनुसार सरकार के इस कदम का फायदा जीएसटी में रजिस्टर्ड कारोबारियों को मिलेगा। उनका सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन मौजूद होने से बैंकों से लोन मिलना आसान हो जाएगा। हालांकि 59 मिनट में लोन दिलाने के लिए सरकार को बहुत एक्टिव होना पड़ेगा।

इनपुट साभार आउटलुक से भी

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