पीएम मोदी के बेलगाड़ी वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार, “पीएम जैसी भाषा नहीं बोल रहे मोदी”

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज जयपुर में कांग्रेस के लिए बेल गाड़ी शब्द प्रयोग किये जाने को लेकर कांग्रेस ने पलटवार किया है। पहले पार्टी प्रवक्ता आरपीएन सिंह ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के किसानों को ट्रैक्टर से बैलगाड़ी पर लाने का काम किया है। जिस राज्य में प्रधानमंत्री गए थे, वहां की मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के तमाम आरोप लगे हैं।

इसके बाद लोकसभा में पार्टी के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वैसी भाषा नहीं बोल रहे हैं जैसी भाषा पीएम को बोलनी चाहिए। वैसे ऐसे जुमलों का इस्तेमाल कांग्रेस पार्टी के प्रति लोगों के सम्मान को कम करने के लिए कर रहे हैं। खडगे ने कहा कि प्रधानमंत्री के रूप में उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए।

आरपीएन सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री से लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पुत्र तक पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इसकी जांच कराने की बजाय प्रधानमंत्री जी बैलगाड़ी की बात कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस दिन कांग्रेस की सरकार आएगी, भाजपा सरकार के हजारों करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार की जांच कराई जाएगी और ये लोग बेल पर नहीं जेल में रहेंगे।

कांग्रेस नेता ने कहा कि 50 फीसदी एमएसपी देने के नाम पर प्रधानमंत्री जी ने आज फिर किसानों से झूठ बोला। उन्होंने कहा कि पुलिस ने किसानों तक को राजस्थान की रैली में आने से रोका। उन्हें भय था कि कहीं किसान रैली में इसकी सच्चाई न रख देँ। सिंह ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार देश की पहली सरकार है जिसने कृषि उत्पाद पर भी जीएसटी लगाया है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पीएम की रैली में लोगों को लाने के लिए एलपीजी वितरकों पर दबाव बनाया गया और उन्हें धमकी दी गई। उन्होंने कहा कि इस बाबत एलपीजी डिस्ट्रीब्यूशन फेडरेशन के मुख्य सचिव ने प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा है।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इस देश में लिंचिंग एक मुद्दा है। अफसोस और दर्दनाक बात ये है कि लिंचिंग के दोषियों का खुद केंद्र सरकार के मंत्री फूलों से स्वागत कर रहे हैं।

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जयपुर की रैली में कहा कि इस पार्टी के कई दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री इन दिनों बेल पर हैं इसकी वजह से आजकल कांग्रेस को कुछ लोग ‘बेल गाड़ी’ बोलने लगे हैं।

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