पिछले चुनाव में ईवीएम पर उठे थे सवाल, अब चुनाव आयोग ने लागू किये ये नए नियम

नई दिल्ली। पिछले चुनावो में ईवीएम को लेकर पैदा हुई शंकाओं के मद्देनज़र इस बार चुनाव आयोग ने कई नियमो और प्रावधानों में बदलाव किया है। इस बार सभी बूथों पर ईवीएम मशीनों के साथ वीवीपैट का इस्तेमाल किया जाएगा। इतना ही नहीं पहली बार वोटिंग मशीन पर पार्टी के नाम और चिन्ह के साथ ही उम्मीदवारों की फोटो भी होगी।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने बताया कि ईवीएम पर कड़ी नजर रखी जाएगी। इसके लिए मशीनों को ट्रैक करने के लिए इन्हें लाने-ले जाने वाले सभी वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा। बता दें कि हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों में इसको लेकर शिकायतें मिली थीं।

लोकसभा चुनाव के लिए हेल्पलाइन नंबर-1950 होगा। मोबाइल पर ऐप के जरिए भी आयोग को आचार संहिता के उल्लंघन की जानकारी दी जा सकती है और 100 मिनट के भीतर आयोग के अधिकारी को इस पर कार्रवाई करेंगे। साथ ही शिकायतकर्ता की निजता का ख्याल रखा जाएगा।

इस आम चुनाव में पहली बार पूरे देश भर में वीवीपैट का इस्तेमाल होगा। बता दें कि ईवीएम से प्रिंटर की तरह एक मशीन अटैच की जाती है। वोट डालने के 10 सेकंड बाद इसमें से एक पर्ची बनती है, इस पर जिस प्रत्याशी को वोट दिया है उसका नाम और चुनाव चिन्ह होता है। यह पर्ची सात सेकंड तक दिखती है, इसके बाद मशीन में लगे बॉक्स में चली जाती है। इस मशीन को भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड डिजायन किया है।

चुनाव आयोग के मुताबिक, शुचिता बरकरार रखने में जनता की भागीदारी को भी सुनिश्चित करने के लिए पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर मोबाइल ऐप ‘सी-विजल’ का इस्तेमाल किया जायेगा। इसके जरिए कोई भी नागरिक निर्वाचन नियमों के उल्लंघन की शिकायत कर सकेगा। इस पर संबद्ध प्राधिकारी को 100 मिनट के भीतर कार्रवाई करना अनिवार्य है। इससे पहले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में इस ऐप का सफलतापूर्वक प्रयोग किया गया था।

चुनाव आयोग ने कहा है कि ईवीएम और पोस्टल बैलट पेपरों पर सभी उम्मीदवारों की तस्वीरें होंगी ताकि वोटर चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे नेताओं की पहचान कर सकें। आयोग ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की बैलट इकाइयों और पोस्टल बैलट पेपरों पर तस्वीरें छपी होंगी। इसके लिए उम्मीदवारों को आयोग की ओर से निर्धारित शर्तों पर अमल करते हुए निर्वाचन अधिकारी के पास अपनी हालिया स्टैंन साइज तस्वीर देनी होगी।

गौरतलब है कि 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद विपक्षी दलों ने ईवीएम को लेकर सवाल उठाये थे। इसके बाद कई जगह हुए विधानसभा चुनावो में ईवीएम को लेकर शंका ज़ाहिर की गयी थी। ईवीएम को लेकर निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने इस बार हर बूथ पर वीवीपैट मशीन लगाने का बड़ा कदम उठाया है।

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