नीतीश कुमार की पुलिस के सामने खुला घूम रहा भागलपुर दंगे का आरोपी केंद्रीय मंत्री का बेटा

नई दिल्ली। बिहार और पश्चिम बंगाल में राम नवमी के जुलुस के दौरान भड़की हिंसा के पीछे कौन लोग हैं, ये परत दर परत अब खुलकर सामने आता जा रहा है। दंगा मुक्त समाज का नारा देने वाली पार्टी के लोगों ने राम नवमी के जुलुस में खुले आम हथियार लहराए, इस्लाम और मुस्लिम विरोधी नारे लगाकर एक समुदाय विशेष के लोगों को भड़काने की कोशिश की।

बिहार के भागलपुर में हिंदी नव वर्ष के दौरान निकाले गए जुलुस में बीजेपी, विहिप, बजरंगदल जैसे संगठनों के लोग पहली पंक्ति में चल रहे थे। इसका नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे का पुत्र अर्जित शाश्वत चौबे कर रहा था। जुलुस जैसे ही मुस्लिम इलाके में पहुंचा तो जुलुस में शामिल लोगों ने तलवारें लहरायीं, मुस्लिम विरोधी नारे लगाए।

ये ठीक वैसा ही था जो 26 जनवरी को उत्तर प्रदेश के कासगंज में तिरंगा यात्रा के दौरान विधार्थी परिषद, बीजेपी, बजरंगदल और विहिप के कार्यकर्ताओं ने किया और कासगंज को हिंसा की आग में धकेल दिया।

बिहार में हिंसा के एक और मामले में रविवार की शाम दोपहर बिहार के औरंगाबाद शहर के जामा मस्जिद इलाके से रामनवमी का जुलूस निकल रहा था। जुलूस में शामिल लोग हाथों में लाठी और डंडे लहरा रहे थे। फिर कथित तौर पर इस जुलूस पर पथराव हुआ और फिर हिंसा भड़क गई।

इस दौरान 50 से ज्यादा दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया। सड़क पर गाड़ियों को आग लगा दी गई। पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ गया। आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को काबू करने की कोशिश हुई। इसमें 20 पुलिसकर्मियों सहित लगभग 60 लोग घायल हो गए थे।

इसी क्रम में 25 मार्च को पश्चिम बंगाल में रामनवमी के मौके पर जुलूस को लेकर बर्धमान जिले के रानीगंज इलाके में तनाव हो गया। हालात आगजनी और फायरिंग तक पहुंच गए थे, इस दौरान एक व्यक्ति की मौत होने की बात सामने आई। पुलिस ने अब तक हिंसा के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया है। यहां भाजपा और उससे जुड़े हिंदुत्ववादी संगठनों ने तलवार और दूसरे हथियारों के साथ रामनवमी का जुलूस निकाला था।

हिंसा की तीनो घटनाओं की पृष्टभूमि एक जैसी ही है। बिहार में जहां समस्तीपुर, मुंगेर, औरंगाबाद, नालंदा, भागलपुर और अररिया में हालात बिगड़े हैं। वहीं प.बंगाल में आसनसोल, रानीगंज, बर्धमान समेत कई जगहों पर अभी भी स्थिति ठीक नहीं हैं।

भागलपुर हिंसा में केंद्रीय मंत्री अश्वनी चौबे का बेटा अर्जित शाश्वत चौबे आरोपी है। इस मामले में आज भागलपुर की सीजीएम कोर्ट ने अर्जित समेत नौ लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया है। लेकिन रसूकदार होने के चलते पुलिस ने उसे अभी तक गिरफ्तार नहीं किया है। बता दें कि अश्वनी चौबे का बेटा अर्जित शाश्वत चौवे 2015 में भागलपुर विधानसभा सीट पर बीजेपी के टिकिट पर चुनाव भी लड़ चूका है।

गिरफ्तारी से बचने के लिए केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र एवं भाजपा नेता अर्जित शाश्वत ने पटना हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआइआर को रद्द करने की मांग की है। वहीं भागलपुर एसएसपी के अनुसार, अर्जित शाश्वत को पुलिस जल्द ही गिरफ्तार करने में कामयाब होगी।

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