नीतीश का इशारो में हमला: वोट के किए बनाया जा रहा ‘जातीय और सांप्रदायिक तनाव का माहौल’

पटना। बिहार में एक बार फिर जनता दल यूनाइटेड और बीजेपी के बीच माहौल गर्म हो गया है। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर बीजेपी का नाम लिए बिना उस पर वोटों के लिए देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिशों का आरोप लगाया है।

पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह की जयंती पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए बिहार के मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा कि देश में वोट के किए जातीय और संप्रदायिक तनाव का माहौल बनाया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि उनका विश्वास है कि काम के आधार पर वोट मांगना चाहिए, इसलिए वो वोट की चिंता नहीं वोटर को चिंता करते हैं।

भाषण के दौरान नीतीश ने बीजेपी पर इशारो में हमला करते हुए कहा कि कुछ लोग समाज में टकराव का माहौल पैदा करना चाहते हैं, लेकिन उससे किसी समस्या का हल नहीं होगा। नीतीश के रूख से साफ है कि वो अपने सहयोगी भाजपा के टकराव की राजनीति से इत्तेफाक नहीं रखते। इस कार्यक्रम में उनके साथ केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान भी मोजूद थे।

वहीँ सूत्रों की माने तो बिहार में जदयू और बीजेपी के बीच चल रहे टकराव में नीतीश के बयान ने आग में घी डालने जैसे काम किया है। सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार को यह भनक लग चुकी है कि 2019 के चुनाव से ठीक पहले बीजेपी नीतीश सरकार से समर्थन वापस लेकर बिहार में राज्यपाल शासन लागू करवाना चाहती है।

सूत्रों ने कहा कि बीजेपी के षड्यंत्र की भनक लगने के बाद जेदयू अब और चौकन्नी हो गयी है और बिहार में जदयू – बीजेपी रिश्ते कभी भी अलग होने के कगार पर खड़े हो सकते हैं।

सूत्रों की माने तो 2019 के आम चुनावो के लिए जनता दल यूनाइटेड द्वारा बिहार में 25 सीटों पर दावा ठोंके जाने के बाद बीजेपी आलाकमान नीतीश सरकार को समर्थन जारी रखने के मुद्दे पर गंभीरता से विचार कर रहा है।

सूत्रों के अनुसार पिछले कुछ महीनो में जनता दल यूनाइटेड ने जिस तरह बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश की है उससे पार्टी अध्यक्ष अमित शाह नाराज़ बताये जाते हैं। सूत्रों ने कहा कि नीतीश की टोका टाकी के कारण बिहार की सत्ता में रहने के बावजूद बीजेपी अपना एजेंडा पूरी तरह से लागू नहीं कर पा रही।

सूत्रों ने कहा कि नीतीश के दबाव के कारण बीजेपी को बिहार में अपना कट्टर हिंदुत्व वाला ठन्डे बस्ते में रखना पड़ा है। यही कारण है कि बीजेपी चाहती है कि बिहार में भी अब नीतीश से अपना दामन छुड़ा लेना बेहतर होगा।

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