उत्तर प्रदेश

निकाय चुनावो में ईवीएम की गड़बड़झाला: बत्ती सिर्फ कमल के फूल पर जलती है

कानपुर। उत्तर प्रदेश में पहले चरण के निकाय चुनावो में एक बार फिर ईवीएम को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कानपुर के चकेरी क्षेत्र के तिवारीपुर वॉर्ड में बूथ 58 पर वोटिंग करके निकले मतदाताओं ने आरोप लगाया कि चाहे किसी भी पार्टी के पक्ष में वोट डालो वो सब बीजेपी में जा रहा है।

मतदाताओं ने शिकायत की कि किसी भी पार्टी के लिए वोट डालने पर बत्ती सिर्फ कमल के फूल के आगे ही जल रही है। यह बात जल्दी ही पूरे इलाके में फ़ैल गयी और गैर बीजेपी दलों ने इस पर कड़ी नाराज़गी जताते हुए बूथ पर हंगामा किया।

वहीँ मनीराम बगिया इलाके में वार्ड नंबर 104 के तीन बूथों पर ईवीएम के सही से काम न करने के कारण काफी देर तक मतदान रुका रहा और बाद में इन ईवीएम मशीनों की जगह दूसरी मशीने लगाकर मतदान शुरू कराया गया।

हालाँकि इस मामले में अभी तक चुनाव आयोग की तरफ से कोई स्पष्टीकरण नहीं आया है लेकिन सोशल मीडिया पर यूजर्स ईवीएम से बीजेपी को वोट जाने की ख़बरें लगातार शेयर कर रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के आयुक्त सतीश अग्रवाल ने बताया कि पहले चरण का मतदान शांतिपूर्ण रहा। कहीं भी सांप्रदायिक या जातिगत हिंसा नहीं हुई। केवल बदायूं के एक बूथ पर पुनर्मतदान होगा।

उन्होंने कहा कि वेबकास्टिंग से अच्छा परिणाम मिला।। नियमित मॉनिटरिंग केंद्रीय अर्द्घसैनिक बलों, पीएसी की तैनाती से भी फायदा हुआ। वहीं, कुछ मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में न होने पर उन्होंने कहा कि लिस्ट पूरी तरह सही है।

उन्होंने पहले चरण के चुनाव को परफेक्ट शो करार दिया और कहा कि यह मीडिया, प्रशासन, पुलिस और राजनीतिक दलों के सहयोग से सम्पन्न हुआ। ग्रामीणों क्षेत्रों में 74 फीसदी जबकि शहरों में काफी कम मतदान हुआ। ये एक विडम्बना है कि शहरों में लोग वोट नहीं करते।

पहले चरण में कुल 1,09,26,972 वोटर और 26,314 प्रत्याशी मैदान में थे। जिनमें से 15,997 पुरुष व 10,317 महिला प्रत्‍याशी थे। मतदान के लिए 3731 मतदान केंद्र और 11683 बूथ बनाए गए थे। इन बूथों पर 4095 वार्डों में से 4062 वार्डों के लिए पार्षद व सभासदों के लिए भी मतदान हुआ।

 

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